ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी (जीसीबी) 3.0 में रक्षा के क्षेत्र में किस तरह दिन पर दिन भारत मजबूत होता जा रहा है, इसकी दमदार झलक देखने को मिली। रक्षा के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता, तकनीकी उत्पादन की तरफ देश के बढ़ते कदम देखकर लोग गदगद थे।
मिसाइल प्रदर्शनी में आकर्षण का केंद्र रही। इसका निर्माण जल्द लखनऊ में शुरू किया जाएगा। राजधानी में कानपुर रोड पर ब्रह्मोस मिसाइल यूनिट और डीआरडीओ लैब का निर्माण किया जा रहा है। ब्रह्मोस मिसाइल यूनिट के लिए 80 हेक्टेयर से अधिक भूमि उपलब्ध कराई गई है।
प्रदर्शनी में आकाश प्रक्षेपास्त्र जो कि सतह से हवा में मार करने वाली प्रक्षेपास्त्र प्रणाली है। यह 30 किलोमीटर तक दूर और 18 हजार मीटर तक की ऊंचाई तक किसी विमान को टारगेट कर सकता है। एंटी टैंक गाइडेड मिसाइल नाग का भी प्रदर्शन् किया गया।
इसकी मारक क्षमता जमीन से चार किलोमीटर व हेलीकाप्टर से पांच किलोमीटर है। वहीं मैन पोर्टेबल एंटी टैंक गाइडेड मिसाइल (एमपीएटीजीएम) भी प्रदर्शनी की शोभा बढ़ा रही थी। कानकर्स एम एंटी टैंक मिसाइल सहित कई हथियारों का प्रदर्शन किया गया। इस प्रदर्शनी में जल, थल और वायु सेवा की शक्ति देखने को मिली।
रक्षामंत्री ने प्रधानमंत्री को दिया विश्व में भारत की प्रतिष्ठा बढ़ाने का श्रेय: अपने संसदीय क्षेत्र लखनऊ में जुटे निवेशकों को रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने भी बदलते देश-प्रदेश की तस्वीर अपने शब्दों से दिखाने का प्रयास किया। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की कार्यशैली की जमकर सराहना की। बोले कि पहले अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत की बात को कोई गंभीरता से नहीं लेता था।
अंतरराष्ट्रीय जगत में भारत की प्रतिष्ठा बढ़ी है, जिसका श्रेय मोदी को जाता है। निवेशकों को आश्वस्त किया कि यूपी संसाधन और कौशल के मामले में किसी से कम नहीं है। अभी उद्यमियों ने ही बताया कि किस तरह उन्हें क्लीयरेंस तुरंत-तुरंत मिल गई, पहले इसकी कल्पना भी कोई नहीं कर सकता था। यह मोदी के मार्गदर्शन में संभव हुआ है। प्रधानमंत्री की कार्यकुशलता का उल्लेख करते हुए बोले कि मैंने करीब से देखा है, मोदी अद्भुत कल्पना-क्षमता के धनी हैं।









