लखनऊ: राजभवन के प्रेसिडेंशियल सुइट में रुकेंगे राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद

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देश के प्रथम नागरिक की अगवानी के लिए राजभवन तैयार है। राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद सोमवार सुबह 11 बजकर 50 मिनट पर चारबाग रेलवे स्टेशन पहुंचेंगे। यहां राज्यपाल आनंदी बेन पटेल और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ उनका स्वागत करेंगे। राष्ट्रपति 12 बजकर 10 मिनट पर राजभवन पहुंचेंगे।

राष्ट्रपति की अगवानी के लिए राजभवन में विशेष व्यवस्था की गई है। यहां पाश्चात्य सभ्यता के साथ-साथ अत्याधुनिक सुविधाएं राष्ट्रपति के लिए उपलब्ध रहेंगी। राष्ट्रपति प्रेसिडेंशियल सुइट में रुकेंगे। यहीं वह दोपहर का भोजन परिवार के साथ करेंगे। शाम को चार बजे सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस एनवी रमन्ना और इलाहाबाद हाईकोर्ट के कार्यवाहक न्यायाधीश मुनीश्वर नाथ भंडारी व हाई कोर्ट के अन्य न्यायधीशों के साथ स्वल्पाहार में शामिल होंगे। इसमें मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी मौजूद रहेंगे। इसके बाद का कार्यक्रम आरक्षित रखा गया है।
अगले दिन सुबह वह मुख्यमंत्री व प्रदेश सरकार के आमंत्रित मंत्रियों के साथ वह नाश्ता करेंगे। सुबह 11:30 बजे वह लोकभवन में आम्बेडकर की मूर्ति का शिलान्यास करेंगे। इसके बाद राजभवन वापस आ जाएंगे। यहां से चार बजे लखनऊ एयरपोर्ट के लिए प्रस्थान करेंगे जहां से वह दिल्ली के लिए रवाना होंगे।

कैसा है राष्ट्रपति का सुइट
राष्ट्रपति राजभवन में बने चार कमरों के सुइट में विश्राम करेंगे। इस सुइट में बेड रुम के अतिरिक्त जिम, कॉन्फ्रेंस हाल और डाइंग हाल है। आधुनिक संसाधनों के साथ पाश्चात्य सभ्यता का संगम इस सुइट में दिखेगा। इसमें यूपी के विभिन्न जिलों की कारीगरी का नमूना, प्राचीन मूर्तियां और पेंटिंग शामिल हैं। इस सुइट के सामने दूसरे सुइट में आपात कक्ष बनाया गया है। इसमें राष्ट्रपति भवन की तर्ज पर विशेष कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है। यहां हाई स्पीड इंटरनेट, सेटेलाइट फोन और हॉटलाइन के साथ अन्य अत्याधुनिक तकनीक पर आधारित सुरक्षा व्यवस्था की गई है।

पांच सितारा होटल जैसी व्यवस्था
राष्ट्रपति जिस सुइट में रुकेंगे वहां उनकी गरिमा के अनुरूप पांच सितारा होटल जैसी बेहतर व्यवस्था की गई है। संबंधित क्षेत्र को 48 घंटे पूर्व से ही राष्ट्रपति के आने तक नो मेन जोन घोषित करते हुए राष्ट्रपति की सुरक्षा में लगे जवानों के सुपुर्द कर दिया गया है।
राष्ट्रपिता से राष्ट्रपति तक के आगमन का साक्षी बनेगा चारबाग
राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद सोमवार सुबह प्रेसिडेंशियल ट्रेन से 107 साल पुराने चारबाग रेलवे स्टेशन पर उतरेंगे और इसके गौरवमयी इतिहास को अनुभव करेंगे। उनकी उपस्थिति इतिहास में दर्ज हो जाएगी। चारबाग राष्ट्रपिता से लेकर राष्ट्रपति तक के आगमन तक का साक्षी बन जाएगा।

राष्ट्रपिता महात्मा गांधी 26 दिसंबर 1916 को पहली बार लखनऊ आए थे। अब राष्ट्रपति आ रहे हैं। उनके इस्तकबाल में स्टेशन का रंगरोगन किया गया है। यहां से निकलने के बाद वह देश की सबसे बड़ी कमान मध्य कमान के सामने से गुजरते हुए 200 साल पुराने राजभवन (जो पहले कोठी हयात बख्श के नाम से जाना जाता था) पहुंचेंगे।

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