लखनऊ : 136 नवनिर्वाचित ग्राम प्रधान नहीं ले पाएंगे शपथ, जानिए वजह

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उत्‍तर प्रदेश में ग्राम पंचायत चुनाव  सम्पन्न होने के बाद मंगलवार से गांव की सरकार का शपथ ग्रहण शुरू होने जा रहा है. राजधानी लखनऊ के 136 नवनिर्वाचित ग्राम प्रधान शपथ नहीं ले पाएंगे. इतना ही नहीं इन पंचायतों में ग्राम पंचायतों की बैठक भी नहीं होगी. इनमें गांव की सरकार बनाने के लिए इन नवनिर्वाचित प्रधानों को 6 महीने का इंतजार करना पड़ेगा, तब तक प्रशासक ही पंचायतों का काम देखेंगे.

दरअसल, इन में जरूरी दो तिहाई ग्राम पंचायत सदस्यों (पंच) का आंकड़ा पूरा नहीं हो सका है. पंचायती राज एक्ट के मुताबिक राजधानी की 494 पंचायतों में से 358 (72%) पंचायतों के प्रधान ही शपथ ले सकेंगे. अब इन 136 प्रधानों को अपना काम शुरू करने के लिए छह माह का इंतजार करना होगा. नियमों के मुताबिक छह माह के भीतर ग्राम पंचायत का उपचुनाव होगा, तब रिक्त पदों पर पंच जीतेंगे और फिर प्रधान शपथ ले सकेंगे.

दरअसल, इन 136 ग्राम पंचायतों में दो तिहाई ग्राम पंचायत वार्डों में ग्रामीण पंच का चुनाव ही नहीं लड़े, जिसकी वजह से वार्ड खाली रह गए. अब 6 महीने के भीतर उपचुनाव होंगे. इसके बाद प्रधान शपथ लेकर अपना काम शुरू कर सकेंगे.
 

उधर, औरैया जिले में 235 ग्राम पंचायतों में नवनिर्वाचित प्रधानों की शपथग्रहण नहीं हो सकेगा. ये सभी सभी प्रधान बहुमत के आभाव में शपथ नहीं ले सकेंगे. जिले की 477 ग्राम पंचायतों में से 242 प्रधानों को दिलाई शपथ जाएगी. शपथ ग्रहण से सम्बंधित सूचना 24 मई तक सार्वजनिक कर पंचायतों के सामुदायिक भवनों पर चस्पा करने के निर्देश दिए गए हैं. 25 और 26 मई को शपथ ग्रहण कार्यक्रम कराया जाएगा.

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