लखीमपुर खीरी: चार और लोगों की गई जान, मंत्री के ड्राइवर और 2 बीजेपी कार्यकर्ताओं के अलावा चौथा कौन है ? जानिए

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उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी में रविवार को हुई हिंसा में किसानों के अलावा चार और लोगों की मौत हुई है। इनमें एक केंद्रीय मंत्री का ड्राइवर है और दो भाजपा कार्यकर्ताओं की भी कथित रूप से प्रदर्शनकारी किसानों ने पीट-पीटकर हत्या कर दी है। जिस चौथे व्यक्ति की हत्या की बात सामने आ रही है, वह एक स्थानीय पत्रकार रमन कश्यप हैं, जो कल से ही लापता थे। आज उनकी अस्पताल में मौत हुई है। हालांकि, अभी तक पुलिस ने आधिकारिक तौर पर मरने वाले किसानों का ही ब्योरा दिया है।

यूपी के लखीमपुर खीरी में हुई हिंसा में किसानों के अलावा चार और लोगों की जान चली गई है। इनमें केंद्रीय गृह राज्यमंत्री अजय मिश्रा का ड्राइवर, दो बीजीपी कार्यकर्ता और एक स्थानीय रिपोर्टर शामिल है। वहां हुई हिंसा में मरने वालों की कुल संख्या 9 बताई जा रही है। मंत्री के लोगों के मुताबिक ड्राइवर हरिओम मिश्रा की गाड़ी पर पत्थरों से हमला किया गया था। उनके लोगों का दावा है कि इसी वजह से हरिओम का वाहन पर से नियंत्रण बिगड़ गया, क्योंकि पत्थर उसके सिर में लगा था। इस घटना की वजह से उसकी गाड़ी पलट गई, जिसकी चपेट में आए कम से कम दो किसान कुचले गए। मिश्रा के बारे में कहा जा रहा है कि वह भाजपा युवा मोर्चा से भी जुड़ा हुआ था।

गाड़ी में ड्राइवर के अलावा भाजपा के जोनल प्रमुख श्याम सुंदर और बूथ प्रेसिडेंट शुभम मिश्रा भी सवार थे, जिन्हें कथित रूप से प्रदर्शनकारी किसानों न लाठियों और पत्थरों से मारा और बाद में उनकी गाड़ी को आग के हवाले कर दिया। केंद्रीय मंत्री के नजदीकियों के मुताबिक इस हिंसा में तीन और लोगों को गंभीर चोटें आई हैं और ‘उनका स्थानीय जिला अस्पताल में इलाज चल रहा है।’ उनकी पहचान स्थानी लोगों ने लवकुश (बनवीरपुर-टेनी के गांव), आशीष (तारा नगर) और ड्राइवर शेखर (लखनऊ) के तौर पर की है।

लेकिन, इस दौरान साधना न्यूज चैनल के एक स्थानीय रिपोर्टर रमन कश्यप पर भी कथित तौर पर हमला किया गया था, जिन्होंने सोमवार सुबह दम तोड़ दिया। वह रविवार शाम से ही लापता थे और सोमवार तड़के उनके परिवार वालों ने उनके शव की पहचान की है। अभी तक आधिकारिक रूप से यह नहीं बताया जा सका है कि पत्रकार पर हमला करने वाले कौन लोग थे? अभी तक लखीमपुर जिला प्रशासन ने सिर्फ चार किसानों की उस घटना में मौत होने की पुष्टि की है। ये हैं- नानपारा के मकरोनिया गांव के गुरविंदर सिंह (20), नानपारा के बंजारा के दलजीत सिंह (35), धौरहरा के न्यायपुरवा गांव के नक्षत्र सिंह (65) और पालिया कलां के चौकरा फार्म के लवप्रित सिंह (20)।

इस बीच बीजेपी ने इस घटना को दुर्भाग्यपूर्ण करार देते हुए कहा है कि जो भी जिम्मेदार होंगे उन्हें बख्शा नहीं जाएगा। पार्टी इस मसले को लेकर विपक्षी दलों पर गंदी राजनीति करने का भी आरोप लगा रही है। इससे पहले केंद्रीय मंत्री टेनी, जिनके बेटे पर कथित तौर पर प्रदर्शनकारी किसानों को गाड़ी से रौंदने का आरोप लग रहा है, उन्होंने कहा कि उनका बेटा घटनास्थल पर मौजूद नहीं था। उन्होंने इस घटना को ‘साजिश’ करार दिया है। बहरहाल पुलिस ने उनके बेटे के खिलाफ हत्या (302) और दंगा भड़काने (147), आपराधिक साजिश(120बी) जैसी धाराओं में केस दर्ज किया है।

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