लखीमपुर हिंसा: विपक्ष पर CM योगी का वार, कहा- ये कोई सद्भावना के दूत नहीं, सिर्फ राजनीतिक रोटियां सेंक रहे

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लखीमपुर खीरी में हुई हिंसा के बाद से हो रही सियासत को लेकर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पहला बयान सामने आया है। योगी आदित्यनाथ ने कहा कि लखीमपुर हादसा दुर्भाग्यपूर्ण है, लेकिन जिस तरह से वहां जाने के लिए विपक्षी पार्टियों के नेताओं की होड़ लगी है, उससे साफ है कि सिर्फ राजनीतिक रोटियां सेंकने के लिए यह दिखावा है। ये कोई सद्भावना के दूत नहीं है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एआईएमआईएम चीफ पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि ओवैसी अगर कश्मीर में निशाना बन रहे हिंदुओं और सिक्खों के प्रति भी सहानुभूति व्यक्त कर देते, तो लोग उनको नेता मान लेते। जो लोग लखीमपुर में हिन्दुओं और सिक्खों को आपस में लड़ाना चाह रहे हैं, उनको कश्मीर का आईना दिखाना चाहिए। उन्होंने कहा कि लखीमपुर का राजनीतिकरण करने वालों को तालिबान का आईना दिखाना चाहिए। देश के अंदर लखीमपुर मुद्दे का राजनीतिकरण कौन कर रहे हैं? वही जो काबुल में तालिबान का समर्थन कर रहे हैं।

बता दें, मामले की सुनवाई सुप्रीम कोर्ट में चल रही है। शुक्रवार को सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि वह लखीमपुर खीरी हिंसा मामले की जांच में उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा उठाए गए कदमों से संतुष्ट नहीं है। सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायधीश ने उत्तर प्रदेश सरकार को अपने डीजीपी से यह सुनिश्चित करने के लिए कहा है कि जब तक कोई अन्य एजेंसी इसे संभालती है तब तक मामले के सबूत सुरक्षित रहें। कोर्ट ने यूपी सरकार को एक वैकल्पिक एजेंसी के बारे में अदालत को अवगत कराने के लिए कहा है जो मामले की जांच कर सकती है।

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