Ram Mandir Offering Scam: राम मंदिर चढ़ावा घोटाला: जांच का दायरा बढ़ा, 50 और कर्मचारियों से होगी पूछताछ, ट्रस्ट भी रडार पर

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Ram Mandir Offering Scam: राम मंदिर चढ़ावा कथित गबन मामले में जांच लगातार गहराती जा रही है। अब तक आठ आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद जांच एजेंसियों ने मंदिर के दैनिक वित्तीय संचालन से जुड़े लगभग सभी लोगों की भूमिका की पड़ताल शुरू कर दी है। (Ram Mandir Offering Scam) सूत्रों के मुताबिक, अब मंदिर के 50 और कर्मचारियों से पूछताछ की तैयारी है। जांच केवल चढ़ावे की नकदी तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि मंदिर निर्माण और भूमि खरीद से जुड़े वित्तीय लेन-देन की भी जांच की जाएगी।

Ram Mandir Offering Scam: करीब 50 कर्मचारियों की भूमिका की हो रही जांच

पुलिस सूत्रों के अनुसार, राम मंदिर में श्रद्धालुओं द्वारा दिए गए चढ़ावे की गिनती के लिए करीब 50 कर्मचारी तैनात थे। (Ram Mandir Offering Scam) इन कर्मचारियों की नियुक्ति ट्रस्ट के पदाधिकारियों या उनसे जुड़े प्रभावशाली लोगों की सिफारिश पर हुई थी।

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अब जांच एजेंसियां इन सभी कर्मचारियों की पृष्ठभूमि खंगाल रही हैं। यह भी देखा जा रहा है कि नकदी गिनने की जिम्मेदारी मिलने के बाद किसी कर्मचारी की संपत्ति उसकी आय के ज्ञात स्रोतों से अधिक तो नहीं बढ़ी।

ट्रस्ट के वरिष्ठ पदाधिकारी भी जांच के घेरे में

सूत्रों का कहना है कि जांच का दायरा बढ़ाते हुए अब ट्रस्ट के कुछ वरिष्ठ पदाधिकारियों और समय-समय पर ट्रस्ट के कामकाज से जुड़े सरकारी अधिकारियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। इसके अलावा मंदिर निर्माण और भूमि खरीद से जुड़े वित्तीय लेन-देन की भी पड़ताल की जाएगी।

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सीसीटीवी फुटेज बने अहम सबूत

जांच अधिकारियों के अनुसार, सीसीटीवी फुटेज में गिरफ्तार आठ आरोपियों में से छह को कथित तौर पर चढ़ावे की गिनती के दौरान नोटों की गड्डियां अपने कपड़ों, जेबों और जूतों में छिपाते हुए देखा गया है। यही फुटेज जांच का सबसे महत्वपूर्ण साक्ष्य माना जा रहा है।

आठ आरोपी गिरफ्तार, दो वरिष्ठ पदाधिकारियों ने छोड़ा पद

25 जून को ट्रस्ट की शिकायत पर पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर आठ लोगों को गिरफ्तार किया था। इनमें अविनाश शुक्ला, लवकुश मिश्रा, अनुकल्प मिश्रा, मनीष कुमार यादव, करुणेश पांडेय, रामाशंकर मिश्रा, राम शंकर यादव उर्फ टिन्नू यादव और सुभाष श्रीवास्तव शामिल हैं।

टिन्नू यादव को पूर्व महासचिव चंपत राय का करीबी और पूर्व चालक बताया जाता है। आरोप है कि वह मंदिर के दानपात्रों की निगरानी करता था, जबकि उसका भतीजा मनीष यादव चढ़ावे की गिनती की प्रक्रिया में शामिल था।

नकदी, जेवर और संपत्ति के दस्तावेज बरामद

पुलिस पहले ही टिन्नू यादव के घर से एक लाख रुपये और मनीष यादव के घर से दो लाख रुपये बरामद कर चुकी है। (Ram Mandir Offering Scam) पुलिस रिमांड के दौरान दोनों आरोपियों से पूछताछ में कई स्थानों पर छापेमारी की गई, जहां से नकदी, आभूषण और संपत्तियों से जुड़े दस्तावेज बरामद किए गए। जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कथित रूप से गबन की गई राशि से किन-किन संपत्तियों की खरीद की गई।

संसद के मानसून सत्र में गूंजेगा मामला

राम मंदिर चढ़ावा कथित गबन का मामला जून के पहले सप्ताह में सामने आया था। अब तक इस मामले में आठ लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है और ट्रस्ट के दो वरिष्ठ पदाधिकारियों ने अपने पद छोड़ दिए हैं। विपक्षी दलों ने घोषणा की है कि 20 जुलाई से शुरू होने वाले संसद के मानसून सत्र में वे इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाएंगे।

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