Sonam Wangchuk News: सामाजिक और पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को शनिवार सुबह पुलिस धरना स्थल से सफदरजंग अस्पताल ले गई। लंबे समय से जारी उनके अनशन और स्वास्थ्य को देखते हुए उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया। अस्पताल में डॉक्टर उनकी सेहत पर लगातार नजर रख रहे हैं। हालांकि, उनके परिवार का कहना है कि अस्पताल में भर्ती होने के बाद भी सोनम वांगचुक ने किसी भी तरह का तरल पदार्थ (लिक्विड) लेने से इनकार किया है और वे अपना अनशन जारी रखना चाहते हैं। छुट्टियांव मौसमी आयोजन
Sonam Wangchuk News: पत्नी ने अस्पताल प्रशासन पर उठाए सवाल
सोनम वांगचुक की पत्नी गीतांजलि आंगमो ने अस्पताल की व्यवस्था को लेकर कई सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि अस्पताल में पूरी पारदर्शिता नहीं बरती जा रही है। उनका कहना है कि परिवार को मेडिकल रिपोर्ट की प्रतियां उपलब्ध नहीं कराई गई हैं, जिससे चिंता और बढ़ गई है। उन्होंने अस्पताल प्रशासन को पत्र लिखकर आग्रह किया है कि उनकी अनुमति के बिना सोनम वांगचुक को कोई भी इलाज या तरल पदार्थ न दिया जाए। साथ ही उन्होंने सभी मेडिकल रिपोर्ट परिवार को उपलब्ध कराने की भी मांग की है।
स्वास्थ्य को लेकर जताई चिंता
गीतांजलि आंगमो ने दावा किया कि सोनम वांगचुक के स्वास्थ्य से जुड़े कुछ मेडिकल पैरामीटर में बदलाव आया है। उन्होंने कहा कि परिवार लगातार उनकी स्थिति को लेकर चिंतित है और चाहता है कि इलाज से जुड़ी हर जानकारी पारदर्शी तरीके से साझा की जाए। परिवार ने यह भी मांग की है कि जरूरत पड़ने पर किसी स्वतंत्र मेडिकल विशेषज्ञ या अन्य लैब से भी स्वास्थ्य जांच कराई जाए ताकि सभी पक्षों को स्पष्ट जानकारी मिल सके।
वकील ने भी उठाए सवाल
सोनम वांगचुक के वकील ने भी कहा कि उन्हें अपने मुवक्किल से मिलने की अनुमति नहीं मिल रही है। उनका कहना है कि इस मामले में कानूनी प्रक्रिया का पालन होना चाहिए और यदि जरूरत पड़ी तो वे अदालत का रुख करेंगे। उन्होंने कहा कि पूरे मामले में कानूनी स्थिति स्पष्ट होनी चाहिए ताकि किसी तरह का भ्रम न रहे।
संसद मार्च को लेकर नई रणनीति
सोनम वांगचुक ने पहले संसद मार्च का आह्वान किया था। लेकिन अस्पताल में भर्ती होने के बाद अब उनकी पत्नी गीतांजलि आंगमो ने इस अभियान को आगे बढ़ाने का फैसला किया है। उन्होंने कहा कि आंदोलन शांतिपूर्ण तरीके से जारी रहेगा और समर्थक अपनी मांगों को लोकतांत्रिक तरीके से उठाते रहेंगे।
अनशन जारी रखने का दावा
इसी बीच आंदोलन से जुड़े एक अन्य सामाजिक कार्यकर्ता ने भी भूख हड़ताल शुरू कर दी है। उनका कहना है कि जब तक आंदोलन की मांगों पर सकारात्मक कदम नहीं उठाए जाते, तब तक विरोध जारी रहेगा। धरना स्थल पर मौजूद समर्थकों ने भी आंदोलन जारी रखने की बात कही है और शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने की अपील की है।
धरना स्थल पर हुई एक और घटना
धरना स्थल पर शनिवार को एक महिला द्वारा प्रदर्शन के दौरान स्याही फेंकने की घटना भी सामने आई। मौके पर मौजूद पुलिस ने तुरंत हस्तक्षेप करते हुए महिला को वहां से हटा दिया। इस घटना के बाद सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी गई है। फिलहाल सोनम वांगचुक का इलाज सफदरजंग अस्पताल में जारी है और डॉक्टर लगातार उनकी स्वास्थ्य स्थिति पर नजर रखे हुए हैं। दूसरी ओर उनके समर्थक और परिवार आंदोलन को जारी रखने की बात कह रहे हैं। अब सबकी नजर इस बात पर है कि आने वाले दिनों में स्वास्थ्य, आंदोलन और प्रशासन के बीच यह स्थिति किस दिशा में आगे बढ़ती है।









