शिवमोगा में पोस्टर हटाने पर हिंसा, भाजपा विधायक की मुस्लिमों से अपील

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कर्नाटक के शिवमोगा में 15 अगस्त को हुई हिंसा के मामले में चार आरोपियों की पहचान की गई है। इनमें से दो को गिरफ्तार कर लिया गया है। चाकूबाजी में कल एक व्यक्ति के घायल होने के बाद शहर में धारा 144 लगा दी गई है। पुलिस आरोपियों की संपत्ति जब्त करने जैसी कठोर कार्रवाई भी कर रही है। उधर, भाजपा विधायक केएस ईश्वरप्पा ने मुस्लिम समुदाय से अपील की कि वह गुमराह युवाओं को काबू में करे, यदि हिंदू समाज उठा तो राष्ट्रद्रोही नहीं बचेंगे।

कर्नाटक के एडीजीपी आलोक कुमार ने बताया कि दो फरार आरोपियों की तलाश जारी है। हिंसा की जांच जारी है। उन्होंने कहा कि हम लोगों से अपील करते हैं कि अनावश्यक रूप से बाहर नहीं निकलें। आरोपियों की संपत्ति जब्त करने के लिए कलेक्टर को लिखा जाएगा। शहर में पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया गया है। 15 प्लाटून तैनात कर दी गई है। हालात नियंत्रण में हैं।

आरोपी को पकड़ने गए पुलिसकर्मी पर हमला
इस बीच चाकूबाजी के एक आरोपी ने उसे पकड़ने गई पुलिस टीम पर हमला बोल दिया। इस दौरान पुलिस को गोली चलाना पड़ी। गोली आरोपी मोहम्मद जबी उर्फ चर्बी (30) के पैर में लगी। उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया है। आरोपियों के खिलाफ हत्या के प्रयास का केस दर्ज किया गया है। मामले में पुलिस ने आरोपी नदीम व अब्दुल रहमान को गिरफ्तार किया है।

बैनर को लेकर हुआ था बवाल
शिवमोगा पुलिस ने बताया कि टीपू सुल्तान के अनुयायियों के एक समूह ने 15 अगस्त को शहर के अमीर अहमद सर्कल में टीपू सुल्तान के बैनर लगाने के लिए वीर सावरकर के बैनर हटाने की कोशिश की थी। इससे बवाल मच गया था। तत्काल धारा 144 लागू कर दी गई है। पुलिस को हल्का हल्का लाठीचार्ज भी करना पड़ा था। सावरकर हिंदुत्व के विचारक थे, जबकि टीपू सुल्तान 18वीं सदी के मैसूर शासक थे। बैनर को लेकर दो समुदायों के बीच झड़प के दौरान प्रेम सिंह नामक युवक को चाकू घोंप दिया गया था।

विधायक ईश्वरप्पा की अपील
उधर, शिवमोगा से भाजपा विधायक केएस ईश्वरप्पा ने मुस्लिम समाज से अपील की है। उन्होंने कहा, ‘मैं मुस्लिम समुदाय के वरिष्ठ सदस्यों से अनुरोध करता हूं कि वे इस तरह की राष्ट्रविरोधी गतिविधियों में शामिल अपने समुदाय के युवाओं के खिलाफ कार्रवाई करें। यदि हिंदू समाज सड़क पर आया तो ऐसी गतिविधियां नहीं हो सकेंगी। उन्होंने यह भी कहा कि हम राज्य में एसडीपीआई व पीएफआई पर पाबंदी लगाना चाहते हैं। हम इंतजार कर रहे हैं कि केंद्र सरकार इस मामले में क्या करती है।

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