सात दिन की बेटी को गोद में लेकर न्याय मांगने थाने पहुंची विवाहिता, पति की करतूत बताते हुए रो पड़ी

Facebook
X
WhatsApp
एक महिला के लिए इससे बुरा वक्त क्या हो सकता है, जब वो गर्भवती थी, तब उसके पति ने पीटकर घर से निकाल दिया। संतान के जन्म के बाद भी उसे देखने नहीं आया। आगरा की रहने वाली एक महिला इसी पीड़ा से गुजर रही है। सात दिन की बेटी को आंचल में छिपाए पीड़ित महिला मंगलवार को महिला थाने पहुंची। उसने बताया कि पति और  ससुरालवालों ने उसे पीटकर घर से निकाल दिया है। अब तो बेटी पैदा होने के बाद ससुरालवाले उसे नहीं रखेंगे। बेटा पैदा होता तो पति मुझे लेने भी आ जाता। बेटी के जन्म के सात दिन हो गए, उसने खबर तक नहीं ली। अब वह इस बेटी को लेकर कहां जाए। कैसे इसका पालन-पोषण करें। यह कहते हुए वह फफक पड़ी। उसके साथ आई बड़ी बहन ने उसे संभाला।

विवाहिता ने पुलिस को बताया कि दो साल पहले उसकी और बड़ी बहन की शादी सैंया क्षेत्र में एक ही घर में हुई थी। शादी के बाद से ही ससुरालवाले बाइक की मांग करने लगे। दोनों को प्रताड़ित किया जाने लगा।

पीड़िता का आरोप है कि उसका पति रोज शराब पीकर घर आता था। उसकी पिटाई करता था। गर्भावस्था में ही पति ने पीटकर घर से निकाल दिया था। वह तीन माह से मायके में रह रही है।

मायके में विवाहिता ने सात दिन पहले बेटी को जन्म दिया है। बेटी होने की सूचना पति को भी दी, लेकिन ससुरालवाले और पति देखने तक नहीं आए। दोनों बहनों ने अपने पतियों के खिलाफ शिकायत की है।

महिला थाना प्रभारी अपूर्वा चौधरी ने कहा कि दो बहनें अपने पति के खिलाफ शिकायत दर्ज कराने आई हैं। इनमें से छोटी बहन की सात दिन की बच्ची है। दोनों की शिकायत दर्ज कर ली है। सुसराल वालों को थाने बुलाया गया है। अगर पति व ससुरालीजन घर नहीं ले गए तो उचित कार्रवाई की जाएगी।

The specified slider does not exist.

ताजा खबरें