स्कूलों में पहली बार होंगी तिमाही परीक्षाएं, तैयारी में जुटा विभाग; एप की मदद से तैयार होगा रिजल्ट

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बेसिक शिक्षा विभाग का नया सत्र एक अप्रैल से शुरू हो गया था। परिषदीय स्कूलों में पहली बार राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत बेसिक शिक्षा विभाग तिमाही परीक्षाएं कराएगा। इसके लिए अलग-अलग लक्ष्य तय होंगे। बेसिक शिक्षा विभाग का नया सत्र एक अप्रैल से शुरू हो गया था। गर्मी की छुट्टी के बाद 16 जून से फिर से परिषदीय स्कूल खुल गए।

तीन महीने की पढ़ाई पूरी होने के बाद जुलाई के अंत में विभाग स्कूलों में तिमाही परीक्षाएं करवाने की तैयारी में हैं। तिमाही परीक्षाएं जुलाई, अक्टूबर और जनवरी में कराने की तैयारी विभाग कर रहा हैं। इन परीक्षाओं का रिजल्ट एक हफ्ते के अंदर ही आ जाएगा।

बता दें कि इससे पहले राज्य सरकार ने मिशन प्रेरणा के तहत साल में दो बार स्टूडेंट असेसमेंट टेस्ट लेने का निर्णय लिया था, लेकिन कोरोना महामारी से यह संभव नहीं हो सका था। तिमाही परीक्षा कराने के पीछे का विभाग का सिर्फ एक ही मकसद हैं कि इससे तीन महीने के बच्चों की पढ़ाई का आकलन हो सकेगा। इसका रिजल्ट आने के बाद बच्चों का स्तर पता चल जाएगा। बच्चा जिन विषयों में कमजोर होगा, उसके स्तर के हिसाब से रेमेडियल टीचिंग के तहत पढ़ाई कराई जाएगी। उसके बाद आने वाली तिमाही परीक्षा में देखा जाएगा कि उसके स्तर में कितना सुधार हुआ।

रिजल्ट तैयार करने के लिए एक सरल एप तैयार किया गया है। इससे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की मदद से कापियां तुरंत चेक हो जाएंगी। इसका प्रशिक्षण लखनऊ में हुआ था, लेकिन प्रदेश स्तर पर इसका इस्तेमाल नहीं हुआ है। परीक्षाएं बहुविकल्पीय प्रश्नों के साथ ओएमआर शीट पर होनी है। परीक्षा के बाद दो घंटे में शिक्षक ओएमआर शीट की फोटो खींचकर अपलोड करेंगे और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की मदद से इसका रिजल्ट तैयार हो जाएगा।

जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ऐश्वर्या लक्ष्मी ने कहा कि विभाग की ओर से निर्देश मिले हैं। जिले के परिषदीय स्कूलों में नकलविहीन परीक्षाएं कराई जाएंगी। तिमाही परीक्षाओं से बच्चों के स्तर का भी पता चल सकेगा।

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