गुजरात के नर्मदा जिले में स्थित विश्व प्रसिद्ध स्टैच्यू आफ यूनिटी के पास की पंचमुली झील से अबतक 194 मगरमच्छों को निकाल कर गांधीनगर और गोधरा शिफ्ट किया जा चुका है। यह काम पिछले दो वर्षों से ज्यादा वक्त से चल रहा है; और अनुमानों के मुताबिक उस झील में अभी भी बड़ी संख्या में मगरमच्छों का डेरा है। यह काम स्टैच्यू आफ यूनिटी पहुंचने वाले सैलानियों की सुरक्षा को देखते हुए किया जा रहा है, क्योंकि जो टूरिस्ट यहां पहुंचते हैं वह पंचमुली झील में भी बोटिंग करना चाहते हैं। लेकिन, मगरमच्छों की मौजूदगी के चलते प्रशासन कोई जोखिम नहीं लेना चाहता।
पंचमुली झील केवड़िया स्थित सरदार वल्लभभाई पटेल की 182 मीटर की दुनिया की सबसे ऊंची प्रतिमा स्टैच्यू आफ यूनिटी के पास ही मौजूद है। आज की तारीख में यह जगह विश्व प्रसिद्ध पर्यटन स्थल बन चुका है, जहां बड़ी तादाद में सैलानी पहुंचते हैं। रविवार को अधिकारियों ने कहा है कि स्टैच्यू आफ यूनिटी तक आने वाले पर्यटक झील में बोट राइडिंग का भी मजा लेते हैं, इसलिए उनकी सुरक्षा को देखते हुए झील में मौजूद मगरमच्छों को यहां से हटाया जा रहा है। हालांकि, पंचमुली झील से मगरमच्छों का निकालने का सिलसिला करीब दो साल से चल रहा है और 194 हटाए भी जा चुके हैं, लेकिन अभी भी वहां बड़ी संख्या में मगरमच्छ मौजूद हैं।
वन विभाग के अधिकारियों के मुताबिक पंचमुली लेक, जिसे सरदार सरोवर डैम के डाइक-3 के नाम से भी जाना जाता है, स्टैच्यू आफ यूनिटी आने वाले पर्यटकों के लिए ही झील कि तौर पर विकसित किया गया था। डाइक असल में आर्टिफिशियल वॉटर बॉडीज होते हैं, जो यहां पर सरदार सरोवड डैम से निकलने वाले पानी को स्थिर करने के लिए बनाए गए हैं, जहां से बाद में पानी मुख्य नर्मदा नहर के एंट्री प्वाइंट तक पहुंचता है। लेकिन, अब यहां पर्यटक आ रहे हैं इसलिए प्रशासन ने तय किया है मगरमच्छ को वहां से हटा दें, ताकि वह किसी सैलानी को नुकसान न पहुंचा सकें। केवड़िया रेंज के फॉरेस्ट ऑफिसर विक्रमसिंह गभनिया ने कहा है, ‘2019-20 (अक्टूबर-मार्च) में हमने 143 मगरमच्छों को हटाया। 2020-21 में हमने 51 और मगमच्छों को गांधीनगर और गोधरा के दो रेस्क्यू सेंटर में शिफ्ट कर दिया।’ वन विभाग के मुताबिक मगरमच्छों को पकड़ने के लिए झील में करीब 60 पिंजरे लगाए गए हैं।
अधिकारियों के मुताबिक झील के जिस हिस्से में सी-प्लेन उतरते हैं, वह पूरी तरह से मगरमच्छों से सुरक्षित है। ये सी-प्लेन अहमदाबाद के साबरमती नदी से केवड़िया स्थित स्टैच्यू आफ यूनिटी तक उड़ान भरते हैं। इस सेवा की शुरुआत खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने की थी। हालांकि, सैलानियों के लिहाज से प्रशासन के लिए मगरमच्छ अभी भी चुनौती बने हुए हैं, क्योंकि अभी सिर्फ 194 को ही दूसरी जगहों पर शिफ्ट किया गया है, जबकि करीब ढाई साल पहले स्थानीय कंजरवेटर ऑफ फॉरेस्ट ने मोटे तौर पर यहां 300 मगरमच्छ होने का अनुमान जताया था।
राज्य पर्यटन विभाग के मुताबिक गुजरात स्टेट फॉरेस्ट डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन लिमिटेड ने पंचमुली लेक में 2019 से बोट राइड शुरू किया था। यह झील वनस्पतियों और जीवों से भरी हुई है और आसपास हरे जंगल भी हैं। यह स्टैच्यू आफ यूनिटी से सटा है, इसलिए इसे इको-टूरिज्म के मकसद से विकसित किया गया है। स्टैच्यू आफ यूनिटी के प्रवक्ता ने कहा है कि इस इलाके में बोट राइडिंग पर्यटकों के लिए बहुत बड़ा आकर्षण का केंद्र है और यहां भारी भीड़ रहती है, खासकर सप्ताह के आखिर में।













