हर धर्म में कफन का रंग ‘सफेद’ होता है…….तो फिर नदी में तैरती लाशों पर भगवा वस्त्र किसने और क्यों डाला ..??

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हर धर्म में कफन का रंग ‘सफेद’ होता है…….तो फिर नदी में तैरती लाशों पर भगवा वस्त्र किसने और क्यों डाला ..??
हालात थोड़े बेहतर हैं लेकिन ये भूलना मुश्किल है कि किस तरह तस्वीरें चीख-चीख कर कह रही थीं कि सड़कों पर और घरों में ऑक्सीजन की कमी, अस्पतालों में आईसीयू बेड और वेंटिलेटर की कमी से तड़पकर लोगों की मौत हो रही थी. कैसे लोगों को दवाओं और ऑक्सीजन लिए कालाबाज़ारी का रुख़ करना पड़ा और कई परिवार आर्थिक तौर पर बर्बाद हो गए और कैसे उन्हें अपनों के शवों को अंतिम संस्कार के लिए कंधों पर ले जाना पड़ा.देश और दुनिया में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की लगातार होती तीखी आलोचनाओं हुई क्योंकि मोदी सरकार कोरोना महामारी की दूसरी लहर के लिए तैयार नहीं थी.”श्मशान घाटों पर भीड़ और महँगी लकड़ी मिलने के कारण ग़रीब लोगों ने शवों को दफ़नाना शुरू कर दिया है. हालांकि आमतौर पर ऐसा नहीं होता है. लेकिन जिन लोगों ने भी ऐसा किया है उन्होंने मजबूरी में ही किया होगा.दरअसल इस महामारी में शवों का अंतिम संस्कार ही बहुत मुश्किल और महंगी प्रक्रिया बनता जा रहा है.गंगा नदी के किनारे कई शव रेत में ही दफ़न कर दिये गए थे. कुछ शव रेत से बाहर निकल आए थे जिन्हें कुत्ते नोंचकर खा रहे थे। कुछ शव बेहद क्षत-विक्षत अवस्था में मिले क्योंकि रेत में उन्हें ज़्यादा भीतर नहीं दफनाया गया था.इस बीच गंगा किनारे की कई तस्वीरें वायरल हुई जिसमे लाशों का अम्बार दिखाया गया लेकिन एक सवाल ये भी है कि कफ़न का रंग तो सभी धर्मों में सफ़ेद ही होता है फिर इन तस्वीरों में जो लाशों पर कफ़न दिखाया गया है । उसका रंग भगवा क्यों है.अगर ये शव उन लोगों के थे जिनकी मृत्यु कोरोना की वजह से हुई तो अस्पतालों में शवों को पी पी ई किट में लपेट कर दिया जाता है। और यदि मृत्यु घर पर ही हुई है तो भी सभी धर्मों में कफ़न तो सफ़ेद रंग का ही दिया जाता है फिर जो तस्वीरें वायरल हुई उनकी सच्चाई क्या है? क्या इन तस्वीरों को धार्मिक रंग देने की कोशिश की गयी या फिर सरकार को बदनाम करने की साज़िश है आखिर क्यों तस्वीरों में कफ़न भगवा रंग का दिखाया गया? ये अहम सवाल है।आखिर क्यों धर्म के लिए लड़ते रहते है लोग जबकि मरने के बाद सबके कफ़न का रंग सफ़ेद ही होता है। उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार अब प्रयागराज में नदियों के किनारे रेत में दबे शवों से भगवा कफन हटाने को लेकर आलोचनाओं का सामना कर रही है। एक फुटेज में सैकड़ों शवों को दिखाया गया है, जिन्हें बांस की छड़ियों से अलग किया गया है और भगवा कपड़े से ढका हुआ है, जो प्रयागराज में किनारे पर दफन हैं। एक तो कोरोना के कहर ने हर किसी को खौफ के साए में जीने को मजबूर कर दिया है,और इस बीच इतनी भवायह तस्वीरें सामने आईं कि हर किसी की रूह कांप उठी जो तस्वीरें दिखायी गयी वाकई वो विचलित कर देने वाली हैं।

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