अयोध्या में राम जन्म भूमि के निकास मार्ग रामगुलेला मार्ग की दुकानों पर प्रशासन का बुलडोजर चला 36 दुकाने गिराई गई, इस दौरान पीड़ित दुकानदारों का आरोप है कि जिला प्रशासन बिना किसी जानकारी के दुकानों को तोड़ दिया और सामान भी उठा ले गए हैं जिला प्रशासन के अधिकारियों ने इस पूरे आरोप को गलत बताया है कि बीते कई दिनों से भक्ति पथ मार्ग बनाए जाने के लिए चल रही चौड़ीकरण की कार्यवाही के तहत इन्हें भी जानकारी दी गई थी लेकिन जबरन दुकानों को खाली नहीं किया गया । कई बार के चेतावनी के बाद रात्रि को सभी दुकानों के सामानों को सुरक्षित मालखाने में जमा कर दिया गया है और शासन की मंशा के अनुरूप स्थानों को खाली कराया गया है तो वही यह जानकारी दी है कि यह स्थान नजूल भूमि का है जबकि दुकानदारों ने इस भूमि पर विवाद का मामला न्यायालय में लंबित होने का दावा कर रहे हैं।
दुकानदारों ने लगाया प्रशासन पर उत्पीड़न का आरोप
जबकि स्थानीय दुकानदारों का आरोप है कि 15 दुकानों स्वामियों ने जिला प्रशासन को सहमति पत्र दे दिया था इसके बदले इन दुकानदारों को टेढ़ी बाजार में बन रहे विकास प्राधिकरण के कांपलेक्स में दुकानें आवंटित करने के लिए आश्वासन दिया गया है। और 16 दुकानदार न्यायालय शरण में हैं दुकानदारों का दावा है कि काफी लंबे समय से रामगुलेला मंदिर से विवाद चल रहा है कोर्ट से स्टे है बावजूद उसके बाद प्रशासन ने कार्रवाई की जिसमें दुकानदारों ने प्रशासन पर अपने दुकान में रखे सामान और पैसे का भी हवाला देते हुए प्रशासन पर उत्पीड़न का आरोप लगाते हुए कहा कि प्रशासन ने हम लोगों को दुकान तक नहीं जाने दिया।









