CJP Parliament March Timeline: देश की राजधानी दिल्ली में सोमवार का सूरज भारी तनाव और अभूतपूर्व उथल-पुथल लेकर आया। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) की तरफ से आयोजित ‘संसद चलो’ आंदोलन के पहले ही दिन लुटियंस दिल्ली पूरी तरह से जंग का मैदान बन गई। जंतर-मंतर से उठी विरोध की यह चिंगारी जनपथ और रायसीना रोड तक फैल गई। संसद के मानसून सत्र की शुरुआत के साथ ही हुए इस भयंकर मार्च के चलते प्रशासन के हाथ-पांव फूल गए। पूरे नई दिल्ली इलाके में दिनभर लाठीचार्ज, पथराव, भगदड़ और पुलिस की सख्त कार्रवाई का दौर चलता रहा।
CJP Parliament March Timeline: सड़कों पर उतरी भीड़, धारा 163 की उड़ी धज्जियां
सुबह से ही जंतर-मंतर पर हजारों की संख्या में लोग जुटने लगे थे। पुलिस प्रशासन ने किसी भी बड़े मार्च को रोकने के लिए पहले से ही कानून की धारा 163 लागू कर रखी थी और माइक से लगातार चेतावनी भी दी जा रही थी। लेकिन गुस्साए प्रदर्शनकारियों ने पुलिस की एक न सुनी और सुरक्षा के कड़े पहरे को तोड़ते हुए आगे बढ़ने की कोशिश की। देखते ही देखते हालात बेकाबू हो गए और पूरी नई दिल्ली छावनी में तब्दील हो गई।

बैरिकेड्स टूटे, 20 सरकारी गाड़ियों में तोड़फोड़
संसद भवन की तरफ बढ़ते युवाओं को रोकने के लिए जब सुरक्षा बलों ने रास्ते बंद किए, तो माहौल बेहद गर्म हो गया। आक्रोशित लोगों ने लोहे के भारी-भरकम बैरिकेड्स उखाड़ फेंके। उपद्रव के दौरान करीब 15 से 20 सरकारी वाहनों को निशाना बनाया गया और उनमें तोड़फोड़ की गई। जनपथ के आसपास की कुछ दुकानों में भी नुकसान की खबरें आईं। देखते ही देखते कई मुख्य रास्ते बंद हो गए और हर तरफ सिर्फ धुआं और चीख-पुकार ही नजर आने लगी।
118 पुलिसकर्मी लहूलुहान, IPS अफसर भी घायल
इस दौरान हुई हिंसक भिड़ंत में सबसे ज्यादा चोट सुरक्षा में तैनात कर्मियों को पहुंची। पथराव और धक्का-मुक्की में 118 से ज्यादा पुलिसकर्मी गंभीर रूप से घायल हो गए। इसमें 5 से अधिक बड़े IPS अधिकारी शामिल हैं, जिनमें स्पेशल कमिश्नर, जॉइंट कमिश्नर, एडिशनल कमिश्नर और कई डीसीपी स्तर के अधिकारी हैं। यही नहीं, ड्यूटी पर मुस्तैद कई महिला पुलिसकर्मियों को भी गहरी चोटें आईं। दूसरी तरफ, पुलिस की इस कार्रवाई में लगभग 60 प्रदर्शनकारी भी चोटिल हुए हैं।
‘पहले से जुटाए थे पत्थर’, पुलिस का बड़ा दावा
घटनास्थल पर मौजूद एक घायल पुलिस अधिकारी ने बताया कि हमला पूरी योजना बनाकर किया गया था। अधिकारी के अनुसार, वे जनपथ स्थित एक बड़े होटल के सामने अपनी ड्यूटी पर तैनात थे। अचानक भीड़ ने उन पर पत्थरों की बौछार कर दी। पत्थर जिस तरह अचानक और भारी मात्रा में फेंके गए, उससे साफ लगता है कि इन्हें पहले से इकट्ठा करके रखा गया था। प्रदर्शन समाप्त होने के बाद बची हुई भीड़ ने अचानक हमला बोला।
70 लोग गिरफ्तार, साजिश की आशंका गहरी
हिंसा को काबू में लाने के लिए दिल्ली पुलिस ने तुरंत बड़ा कदम उठाया और मौके से 70 उपद्रवियों को हिरासत में ले लिया। पुलिस की जांच में यह बात सामने आ रही है कि पकड़े गए लोगों में से कई लोग छात्र नहीं हैं। ऐसे में इसके पीछे किसी गहरी साजिश का अंदेशा जताया जा रहा है। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए नई भारतीय न्याय संहिता (BNS) की कड़ी धाराओं के तहत मामले दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
जेपी नड्डा से बैठक बेनतीजा, नहीं बनी बात
सड़कों पर मचे इस हंगामे के बीच दोपहर करीब 4 बजे CJP के 2 प्रतिनिधियों ने केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा से मुलाकात की और अपनी लिखित मांगें उन्हें सौंपी। लेकिन घंटों चली इस बैठक का कोई ठोस नतीजा नहीं निकला। नड्डा ने मांगों पर कोई ठोस वादा तो नहीं किया, पर प्रदर्शनकारियों से यह अपील जरूर की कि वे तुरंत अपना आंदोलन खत्म करें और दिल्ली में शांति बनाए रखने में सहयोग दें।
गृह मंत्री अमित शाह की सीधी नजर
दिल्ली के इन बिगड़े हालात पर केंद्र सरकार की बेहद बारीक नजर बनी हुई थी। खुद केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पल-पल की रिपोर्ट ले रहे थे और वरिष्ठ अधिकारियों से सीधे संपर्क में थे। सरकार की तरफ से पुलिस और पैरामिलिट्री बलों को साफ आदेश दिए गए थे कि वे धैर्य से काम लें और बेवजह बल प्रयोग करने से बचें। सिर्फ बेहद मजबूरी की स्थिति में ही कम से कम कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए थे।
अभिजीत दिपके का अनशन समाप्त, मगर जंग जारी
इस पूरे घटनाक्रम के बीच CJP के संस्थापक अभिजीत दिपके ने ढाई दिन से चला आ रहा अपना अनशन खत्म कर दिया। दरअसल, 18 जुलाई को सोनम वांगचुक को जब जंतर-मंतर से जबरन अस्पताल में भर्ती कराया गया था, तब से दिपके भूख हड़ताल पर बैठे हुए थे। अनशन तोड़ने के बावजूद उनका हौसला कम नहीं हुआ है और उन्होंने साफ कह दिया है कि उनकी मांगें पूरी होने तक लड़ाई जारी रहेगी।
रात भर जमा रही भीड़, आज फिर संसद घेराव का ऐलान
दिनभर की लाठीचार्ज, आंसू गैस और धरपकड़ के बाद भी प्रदर्शनकारी पीछे हटने को तैयार नहीं थे। शाम को जब जंतर-मंतर खाली कराया गया, तो भीड़ पास के केरल हाउस पर जमा हो गई। रात गहराते ही सैकड़ों लोग एक बार फिर जंतर-मंतर पर वापस लौट आए। देर रात अभिजीत दिपके ने बयान जारी कर ऐलान कर दिया कि मंगलवार को भी ‘संसद चलो’ मार्च पूरी ताकत के साथ निकाला जाएगा और जब तक मांगें नहीं मानी जातीं, वे डटे रहेंगे।









