Sonam Wangchuk Hunger Strike: सोनम वांगचुक (Sonam Wangchuk) ने 26 दिन की भूख हड़ताल (Hunger Strike) के बाद अपना अनशन खत्म कर दिया है। सरकार की ओर से लिखित आश्वासन (Written Assurance) मिलने के बाद उन्होंने यह फैसला लिया। (Sonam Wangchuk Hunger Strike) करीब 26 दिनों तक चले इस अनशन के बाद अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर वे कौन सी तीन बड़ी मांगें थीं, जिन पर सरकार के लिखित आश्वासन के बाद सोनम वांगचुक ने अपना अनशन तोड़ा। समयऔर कैलेंडर
सरकार की ओर से दिए गए लिखित आश्वासन में इन तीनों मांगों को लेकर भरोसा दिया गया है। इसी के बाद सोनम वांगचुक ने अपनी भूख हड़ताल खत्म करने का फैसला किया।
Sonam Wangchuk Hunger Strike: प्रदर्शनकारियों पर दर्ज न हो कोई केस
सोनम वांगचुक की पहली बड़ी मांग थी कि जंतर मंतर (Jantar Mantar) पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन (Peaceful Protest) करने वाले लोगों और 20 जुलाई को संसद मार्च (Parliament March) में शामिल प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कोई मामला दर्ज नहीं किया जाए।
सरकार की ओर से दिए गए लिखित आश्वासन में कहा गया है कि इन शांतिपूर्ण प्रदर्शनों और संसद मार्च में शामिल लोगों के खिलाफ कोई मामला दर्ज नहीं किया जाएगा। इस आश्वासन के बाद सोनम वांगचुक ने अपनी पहली बड़ी मांग को लेकर सरकार के भरोसे को स्वीकार किया और अनशन खत्म करने का फैसला लिया।
पेपर लीक और परीक्षा प्रणाली पर संसद में चर्चा
सोनम वांगचुक की दूसरी बड़ी मांग नीट पेपर लीक (NEET Paper Leak) और देश की परीक्षा प्रणाली (Examination System) से जुड़ी थी। उनकी मांग थी कि पेपर लीक रोकने और परीक्षा प्रणाली में सुधार को लेकर संसद में चर्चा होनी चाहिए।
सरकार की ओर से लिखित आश्वासन दिया गया है कि संसद (Parliament) में पेपर लीक रोकने और परीक्षा प्रणाली में सुधार को लेकर चर्चा की जाएगी। (Sonam Wangchuk Hunger Strike) इसका उद्देश्य इस समस्या का स्थायी समाधान निकालना होगा।
पेपर लीक से प्रभावित परिवारों को मुआवजा
सोनम वांगचुक की तीसरी बड़ी मांग उन छात्रों और उनके परिवारों से जुड़ी थी, जिन्होंने नीट पेपर लीक (NEET Paper Leak) के कारण आत्महत्या की।
सरकार की ओर से दिए गए लिखित आश्वासन में कहा गया है कि हाल में नीट पेपर लीक के कारण जिन छात्रों ने आत्महत्या की है, उनके परिवारों को उचित मुआवजा (Compensation) देने पर सरकार सकारात्मक तरीके से विचार कर रही है।
लिखित आश्वासन के बाद खत्म हुआ अनशन
सोनम वांगचुक ने बताया कि पिछले दो दिनों से सरकार के साथ इन मुद्दों को लेकर सख्त बातचीत चल रही थी। (Sonam Wangchuk Hunger Strike) वह सरकार से केवल मौखिक आश्वासन नहीं, बल्कि लिखित आश्वासन चाहते थे। इसी वजह से बातचीत में दो दिन और लगे और उन्हें दो दिन अतिरिक्त भूख हड़ताल करनी पड़ी।
उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ती तो वह और भी दिन तक भूख हड़ताल पर बैठने के लिए तैयार थे। (Sonam Wangchuk Hunger Strike) आखिरकार सरकार की ओर से लिखित आश्वासन मिलने के बाद उन्होंने 26 दिन की भूख हड़ताल खत्म कर दी।
अनशन खत्म करने के बाद सोनम वांगचुक ने वीडियो जारी करते हुए कहा कि 26 दिन बाद उन्हें पहली बार कुछ खाने को मिला है और इसका स्वाद बहुत अच्छा लग रहा है। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि भूख का अपना कोई स्वाद नहीं होता।









