Sonam Wangchuk Hunger Strike: दिल्ली हाई कोर्ट (Delhi High Court) के आदेश के बाद 24 दिनों से अनशन कर रहे सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक (Sonam Wangchuk) को मंगलवार शाम सफदरजंग अस्पताल (Safdarjung Hospital) से गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल (Medanta Hospital) में शिफ्ट कर दिया गया। इसके कुछ ही घंटों बाद केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा (J P Nadda) और प्रधानमंत्री कार्यालय में राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह (Jitendra Singh) मेदांता अस्पताल पहुंचे और सोनम वांगचुक से मुलाकात की।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, दोनों केंद्रीय मंत्रियों ने अस्पताल में सोनम वांगचुक से मुलाकात की। यह मुलाकात रात करीब 11:30 बजे हुई। इस दौरान दोनों मंत्रियों ने सोनम वांगचुक से अनशन खत्म करने की अपील की।
Sonam Wangchuk Hunger Strike: अनशन खत्म करने की अपील
रिपोर्ट्स के मुताबिक, जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह ने सोनम वांगचुक से शांतिपूर्ण तरीके से विरोध प्रदर्शन और भूख हड़ताल खत्म करने की अपील की। मंत्रियों की यह मुलाकात सरकार की ओर से बातचीत की पहल के तौर पर देखी जा रही है।
सोनम वांगचुक नीट (NEET) समेत अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के मुद्दे पर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान (Dharmendra Pradhan) के इस्तीफे की मांग को लेकर 28 जून से अनिश्चितकालीन अनशन (Indefinite Hunger Strike) कर रहे हैं।
मेदांता अस्पताल में किया गया शिफ्ट
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सोनम वांगचुक को मंगलवार शाम करीब 7:30 बजे कड़ी सुरक्षा के बीच एम्बुलेंस से वर्धमान महावीर मेडिकल कॉलेज और सफदरजंग अस्पताल से मेदांता अस्पताल लाया गया। इसके बाद उन्हें अस्पताल के आईसीयू 8 (ICU 8) में भर्ती किया गया।
मेदांता अस्पताल में उनका इलाज इंटरनल मेडिसिन स्पेशलिस्ट डॉ. सुशीला कटारिया (Dr. Sushila Kataria) की निगरानी में किया जा रहा है।
प्रदर्शनकारियों से मिलने पहुंचे थे जेपी नड्डा
इससे पहले मंगलवार को केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा दिल्ली के दो अस्पतालों में पहुंचे थे। उन्होंने सोमवार को जंतर-मंतर (Jantar Mantar) से संसद मार्च (Parliament March) के दौरान पुलिस कार्रवाई में घायल हुए प्रदर्शनकारियों का हालचाल जाना।
जेपी नड्डा ने राम मनोहर लोहिया अस्पताल (RML Hospital) और लेडी हार्डिंग अस्पताल (Lady Hardinge Hospital) का दौरा किया और वहां भर्ती घायल आंदोलनकारियों को मिल रहे इलाज की जानकारी ली।
हाई कोर्ट ने दी थी मेदांता में इलाज की अनुमति
गौरतलब हो कि, सोनम वांगचुक को मेदांता अस्पताल में शिफ्ट करने का रास्ता दिल्ली हाई कोर्ट के आदेश के बाद साफ हुआ। मुख्य न्यायाधीश डी के उपाध्याय (D K Upadhyaya) और न्यायमूर्ति तेजस करिया (Tejas Karia) की पीठ ने सोनम वांगचुक की पत्नी गीतांजलि आंग्मो (Gitanjali Angmo) की अपील पर उन्हें मेदांता अस्पताल ले जाने की अनुमति दी।
गीतांजलि आंग्मो ने हाई कोर्ट के रविवार के उस आदेश के खिलाफ अपील की थी, जिसमें अदालत ने केंद्र सरकार के अस्पताल में सोनम वांगचुक के जारी इलाज में दखल देने और उन्हें मेदांता अस्पताल ले जाने का निर्देश देने से इनकार कर दिया था।
28 जून से अनशन पर हैं सोनम वांगचुक
आपको बताते चलें कि, सोनम वांगचुक नीट समेत अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। इसी मांग को लेकर वह 28 जून से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर हैं और मंगलवार को उनके अनशन का 24वां दिन था।
वहीं, कॉकरोच जनता पार्टी (Cockroach Janta Party) का प्रदर्शन 6 जून से जंतर-मंतर पर जारी है। सोमवार को प्रदर्शनकारियों ने संसद की ओर मार्च करने की कोशिश की थी, जिसके दौरान स्थिति बिगड़ गई और पुलिस कार्रवाई में कई प्रदर्शनकारी घायल हुए।
अब सोनम वांगचुक के मेदांता अस्पताल पहुंचने के बाद केंद्रीय मंत्रियों की उनसे मुलाकात को सरकार और आंदोलनकारियों के बीच बातचीत की संभावित शुरुआत के तौर पर देखा जा रहा है।









