रिपोर्ट -मिथिलेश गुप्ता
UP News: वाराणसी। उत्तर प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना के तहत वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए वाराणसी में प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। मंडुवाडीह स्थित के.एन. मैरिज लॉन में जिला उद्योग विभाग की ओर से प्रायोजित इस कार्यक्रम का उद्घाटन राज्यमंत्री (MSME) हंसराज विश्वकर्मा और सहायक आयुक्त, जिला उद्योग प्रोत्साहन एवं उद्यमिता विकास केंद्र, वाराणसी श्रीमती सरिता ने दीप प्रज्वलित कर किया। कार्यक्रम में संबंधित विभागों के अधिकारी, जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में प्रशिक्षणार्थी उपस्थित रहे।
योजना के अंतर्गत जनपद चंदौली के पारंपरिक व्यवसायों से जुड़े कुल 150 चयनित लाभार्थियों को प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। इनमें हलवाई व्यवसाय से जुड़े 100, नाई व्यवसाय से जुड़े 25 और राजमिस्त्री कार्य से जुड़े 25 लाभार्थी शामिल हैं। प्रशिक्षण का उद्देश्य पारंपरिक कारीगरों और श्रमिकों के कौशल को विकसित करना तथा उन्हें आत्मनिर्भर बनाकर स्वरोजगार के अवसरों से जोड़ना है।

UP News: पारंपरिक कारीगरों को हुनरमंद बनाने पर जोर
विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना के तहत चयनित लाभार्थियों को उनके पारंपरिक व्यवसायों से संबंधित सैद्धांतिक, व्यावहारिक और तकनीकी प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रशिक्षण कार्यक्रम का संचालन सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम प्रौद्योगिकी विकास केंद्र, प्रक्रिया एवं उत्पाद विकास केंद्र (PPDC) तथा NSDC, FICSI और BWSSC के माध्यम से किया जा रहा है।
कार्यक्रम के दौरान लाभार्थियों को आधुनिक तकनीकों, कार्यकुशलता और व्यवसाय संचालन से संबंधित जानकारी उपलब्ध कराने पर जोर दिया गया, ताकि वे अपने पारंपरिक हुनर को विकसित कर बेहतर आजीविका अर्जित कर सकें।
स्वरोजगार योजनाओं की दी गई जानकारी
कार्यक्रम में उपयुक्त उद्योग विभाग की ओर से संचालित विभिन्न स्वरोजगार योजनाओं के बारे में चयनित लाभार्थियों को विस्तार से जानकारी दी गई। मुख्य अतिथि हंसराज विश्वकर्मा और सहायक आयुक्त श्रीमती सरिता ने मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान (सीएम युवा), प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (PMEGP), मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना, एक जनपद एक व्यंजन तथा एक जनपद एक उत्पाद (ODOP) मार्जिन मनी योजना के बारे में जानकारी साझा की।
लाभार्थियों को बताया गया कि प्रशिक्षण के साथ-साथ सरकारी योजनाओं की जानकारी प्राप्त कर वे अपने हुनर को व्यवसाय का रूप दे सकते हैं और स्वरोजगार के माध्यम से आर्थिक रूप से मजबूत बन सकते हैं।
उद्यम पंजीकरण और बैंक ऋण की प्रक्रिया भी समझेंगे लाभार्थी
प्रशिक्षण कार्यक्रम में रामचंद्र, अनीता शर्मा और जिला समन्वयक के माध्यम से लाभार्थियों को सैद्धांतिक एवं व्यावहारिक प्रशिक्षण देने के साथ उद्यम स्थापित करने की प्रक्रिया से भी परिचित कराया जाएगा। इसके अंतर्गत उद्यम पंजीकरण, उद्यम के विभिन्न प्रकार, बैंक ऋण प्राप्त करने की प्रक्रिया और व्यवसाय शुरू करने से संबंधित तकनीकी पहलुओं की जानकारी दी जाएगी।
इससे प्रशिक्षणार्थियों को अपना काम शुरू करने, उपलब्ध वित्तीय सहायता का लाभ उठाने और स्वरोजगार की दिशा में आगे बढ़ने में मदद मिलेगी।
कार्यक्रम में श्रीकांत, शशिकांत, ललित कुमार, मान्यती विश्वकर्मा, श्रेया और प्रिया सहित अन्य लोगों की उपस्थिति रही। विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना के माध्यम से पारंपरिक कारीगरों को प्रशिक्षण देकर उनके कौशल को निखारने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में प्रयास किया जा रहा है।









