UP News: ग्रेटर नोएडा वेस्ट के लोगों के लिए राहत भरी खबर है। गौर चौक पर रोजाना लगने वाले जाम से जल्द छुटकारा मिलने की उम्मीद है। करीब 92 करोड़ रुपये की लागत से बन रहा छह लेन का अंडरपास अब अंतिम चरण में पहुंच गया है। मुख्य निर्माण कार्य पूरा हो चुका है और फिलहाल सड़क की मार्किंग, स्ट्रीट लाइट लगाने, दीवारों की पेंटिंग समेत अन्य फिनिशिंग कार्य किए जा रहे हैं। ग्रेटर नोएडा विकास प्राधिकरण का लक्ष्य इसे दिवाली से पहले यातायात के लिए खोलने का है। हालांकि, अंडरपास शुरू होने की अंतिम तारीख की आधिकारिक घोषणा अभी नहीं हुई है।
92 करोड़ रुपये की लागत से तैयार हो रहा अंडरपास
गौर चौक अंडरपास परियोजना की शुरुआत करीब 60 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से हुई थी, लेकिन निर्माण और अन्य जरूरी कार्यों के चलते इसकी लागत बढ़कर लगभग 92 करोड़ रुपये हो गई। करीब 730 मीटर के दायरे में फैली इस परियोजना में छह लेन की व्यवस्था की गई है। अंडरपास के मुख्य हिस्से की लंबाई करीब 160 मीटर है।
परियोजना में अंडरपास के निर्माण के साथ यूटिलिटी सेवाओं को दूसरी जगह शिफ्ट करने जैसे काम भी शामिल रहे हैं। इसका मुख्य उद्देश्य गौर चौक पर वाहनों का दबाव कम करना और यातायात को सुगम बनाना है।
फिनिशिंग के काम पर जोर, दिवाली से पहले खोलने का लक्ष्य
ग्रेटर नोएडा विकास प्राधिकरण के जीएम एके सिंह के मुताबिक, अंडरपास को दिवाली पर शुरू करना प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि इससे ग्रेटर नोएडा एक्सटेंशन के लोगों को जाम से राहत मिलेगी और यातायात का दबाव कम करने में मदद मिलेगी।
फिलहाल अंडरपास में सड़क की मार्किंग, स्ट्रीट लाइट लगाने और दीवारों की पेंटिंग जैसे काम किए जा रहे हैं। दीवारों के दोनों तरफ अलग-अलग तरह की पेंटिंग बनाई गई हैं, जिससे अंडरपास को आकर्षक रूप दिया जा रहा है। इन कार्यों के पूरा होने के बाद इसे यातायात के लिए खोलने की तैयारी की जाएगी।
जुलाई 2024 में शुरू हुआ था निर्माण
गौर चौक अंडरपास का निर्माण जुलाई 2024 में शुरू हुआ था। शुरुआती योजना के अनुसार, परियोजना को लगभग 18 महीने में पूरा किया जाना था। हालांकि, निर्माण के दौरान कई चुनौतियों के कारण काम प्रभावित हुआ और समयसीमा आगे बढ़ गई।
निर्माण कार्य पर वायु प्रदूषण के चलते लागू ग्रेप प्रतिबंधों का असर पड़ा। इसके अलावा बारिश, यूटिलिटी सेवाओं को शिफ्ट करने और रैंप से जुड़े कार्यों में भी समय लगा। इन वजहों से परियोजना को पूरा करने में अनुमान से अधिक समय लगा। अब मुख्य निर्माण पूरा होने के बाद बाकी कामों को अंतिम रूप दिया जा रहा है।
गौर सिटी और आसपास की सोसायटियों को मिलेगी राहत
गौर चौक ग्रेटर नोएडा वेस्ट का प्रमुख ट्रैफिक जंक्शन है। यहां से रोजाना बड़ी संख्या में लोग नौकरी, स्कूल और अन्य कामों के लिए आते-जाते हैं। सुबह और शाम के व्यस्त समय में वाहनों की लंबी कतारें लगने से लोगों को परेशानी होती है।
इस जाम का असर गौर सिटी और आसपास की आवासीय सोसायटियों में रहने वाले लोगों पर पड़ता है। सूरजपुर और गाजियाबाद की ओर जाने वाले यात्रियों को भी इस मार्ग पर यातायात के दबाव का सामना करना पड़ता है।
नौकरीपेशा लोगों से लेकर स्कूली वाहनों तक को फायदा
छह लेन का अंडरपास शुरू होने से नौकरीपेशा लोगों, स्कूली वाहनों और रोजाना इस मार्ग का इस्तेमाल करने वाले यात्रियों को राहत मिलने की उम्मीद है। चौराहे पर ट्रैफिक का दबाव कम होने से लोगों के सफर का समय बच सकता है और आवाजाही पहले से आसान हो सकती है।
फिलहाल परियोजना का मुख्य निर्माण कार्य पूरा हो चुका है और फिनिशिंग का काम जारी है। प्राधिकरण इसे दिवाली से पहले शुरू करने की तैयारी में है। हालांकि, लोगों को जाम से वास्तविक राहत कितनी मिलेगी, यह अंडरपास शुरू होने के बाद यातायात की स्थिति पर निर्भर करेगा। अब सभी की नजरें इसके उद्घाटन और यातायात के लिए खुलने की आधिकारिक तारीख पर टिकी हैं।









