भारतीय किसान यूनियन स्वराज के कार्यकर्ताओं ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर कृषि कानून की प्रतियां जलाई,और राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा

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कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों का प्रदर्शन अभी भी जारी है. इस बीच संयुक्त किसान मोर्चा आज देशभर में बड़ा कार्यक्रम कर रहा है. इस दौरान आज कृषि कानूनों की प्रतियां जलाए जाने का प्रोग्राम है, जो पहले से ही तय किया जा चुका है.आंदोलन कर रहे किसान आज भारतीय जनता पार्टी के नेताओं, पार्टी विधायकों, सांसदों और मंत्रियों के घरों और दफ्तरों के सामने तीनों कृषि कानूनों की प्रतियां जलाकर विरोध प्रदर्शन करेंगे।इसी क्रम में संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान के समर्थन में भारतीय किसान यूनियन- स्वराज के राष्ट्रीय अध्यक्ष कुलदीप पांडेय के आदेशानुसार सांसद आवास के सामने कृषि काले कानूनों की प्रतियां जलाकर प्रस्तावित 5 जून क्रांति दिवस के रूप में मनाने के लिए सांसद कासगंज आवास के लिए भारतीय किसान यूनियन स्वराज के कार्यालय गढी से कूच किया। तो प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा कासगंज से 3 किलो मीटर हाईवे बाईपास पर रोक लिया। भारतीय किसान यूनियन स्वराज के कार्यकर्ताओं ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर कृषि कानून की प्रतियां जलाई और राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा। टोहाना प्लाजा पर किसानों के साथ विधायक देवेंद्र बबली द्वारा दुर्व्यवहार और गाली गलौज के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की गयी साथ ही चेतावनी दी कि अगर सरकार विधायक के खिलाफ कार्रवाई नहीं करती है तो भारतीय किसान यूनियन स्वराज संपूर्ण उत्तर प्रदेश में आंदोलन जारी रखेगी और संयुक्त किसान मोर्चा के समर्थन में आंदोलनरत रहेगी।

गौरतलब है कि पिछले साल पांच जून को ही तीनों कानून बनाए गए थे. आज उसका एक साल पूरा हो रहा है, इसलिए ये कार्यक्रम रखा गया है.आपको बता दें कि किसान लगातार कई महीनों से अपना विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं. इससे पहले 22 जनवरी को कृषि कानूनों का रद करने के लिए किसानों और सरकार के बीच आखिरी बातचीत हुई थी. अब तक किसानों और सरकार के बीच 11 दौर की बात हो चुकी है, लेकिन बात नहीं बन सकी है. वहीं खबर ये भी है कि दिल्ली के बार्डरों पर किसानों का प्रदर्शन जारी है. किसानों का कहना है कि सरकार की चाल को किसी भी कीमत पर सफल नहीं होने दिया जाएगा.किसानों कहना है कि गन्ना किसानों का अभी भी 23 हजार करोड़ रुपये बकाया है. इसलिए आज ये बड़ा प्रदर्शन किया जाएगा. आज यानी पांच जून को ही खेती कानूनों के ऑर्डिनेंस के रूप में घोषित हुए एक साल पूरा हो रहा है.इस दौरान किसान नेताओं ने कहा कि जब तक केंद्र सरकार देश के अन्नदाता के विरोध में बनाए गए तीन कृषि कानूनों को रद्द नहीं करती, तब तक किसान भाजपा के खिलाफ इसी तरह खड़े रहेंगे। किसानों ने ये प्रदर्शन संपूर्ण क्रांति दिवस मनाने की कड़ी में किया है।

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