केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कहा- मोदी सरकार कृषि कानूनों पर बात करने के लिए तैयार

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केंद्र सरकार की कृषि कानूनों के खिलाफ दिल्ली की सीमाओं पर किसान सात महीने से अधिक समय से आंदोलन कर रहे हैं। सरकार और किसानों के बीच जनवरी से बातचीत रुकी हुई है। इसी बीच शुक्रवार को केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि, मोदी सरकार कृषि कानूनों पर बात करने के लिए तैयार है। हम सुझावों के लिए खुले हैं। इसके साथ ही उन्होंने धऱना स्थलों पर हो रही रेप की घटनाओं का भी जिक्र किया।

केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि, प्रधान मंत्री और उनकी सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि यदि आपको कृषि कानूनों के बारे में कोई संदेह है, तो हम आपके साथ बैठने के लिए तैयार हैं। हम सुझावों के लिए खुले हैं। यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है कि हमें आंदोलन स्थल से बलात्कार की खबरें मिल रही हैं। इसकी जांच होनी चाहिए। इससे पहले भी कई बीजेपी नेता इस मुद्दे को उठा चुके हैं। वहीं दूसरी ओर नए कृषि कानूनों को लेकर केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा है कि नए कृषि कानूनों से संबंधित प्रावधानों पर किसी भी किसान संगठन से और कभी भी बात करने को तैयार है। उन्‍होंने कहा, ‘कोई कमी नहीं है,

भारत सरकार किसान से वार्ता करने को तैयार हैं। निरस्‍त करने को छोड़कर एक्‍ट से संबंधित प्रावधान पर कोई भी किसान यूनियन आधी रात को बात करने को तैयार है तो नरेंद्र सिंह तोमर उनका स्‍वागत करेगा। वहीं दूसरी ओर पंजाब में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनावों से पहले केंद्र मोदी सरकार ने पंजाब औऱ सिख समुदाय को लेकर कई योजनाओं का ऐलान किया है। केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि, प्रधानमंत्री ने पंजाब के लिए 41 ऑक्सीजन प्लांट मंजूर किए हैं। इसके अलावा 333 सिखों को सरकारी ब्लैकलिस्ट से हटाया गया। हमने सीएए कानून के जरिए अपने हजारों भाई-बहनों को शरण दी है। सभी गुरुद्वारों में लंगर सेवा को जीएसटी से छूट दी गई है।

बता दें कि, पंजाब में बीजेपी की सबसे पुरानी सहयोगी अकाली दल ने कृषि कानूनों का विरोध करते हुए अपना संबंध एनडीए से तोड़ लिया था। जिसके बाद पंजाब में बीजेपी अकेली पड़ गई है। बीजेपी आगामी विधानसभा चुनाव में पंजाब में अकेले लड़ने जा रही है।

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