मिल्खा सिंह: पाकिस्तान के तत्कालीन राष्ट्रपति ने दिया ‘फ्लाइंग सिख’ का नाम, जानें पूरी कहानी

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देश के दमदार धावक व अपनी उपलब्धियों से दुनिया में भारत का नाम रोशन करने वाले एथलीट मिल्खा सिंह का शुक्रवार देर रात निधन हो गया. कोरोना से ठीक होने के बाद वह कोरोना से जूझने के बाद फ्लाइंग सिख मिल्खा सिंह जिंदगी की जंग हार गए हैं. इसी हफ्ते उनकी पत्नी निर्मल मिल्खा सिंह का देहांत भी कोरोना की वजह से हो गया था, मिल्खा सिंह ने 91वीं साल में अपनी अंतिम सांस ली है.

फ़्लाइंग सिख के नाम से मशहूर मिल्खा सिंह भारत के इकलौते ऐसे एथलीट हैं जिन्होंने 400 मीटर की दौड़ में एशियाई खेलों के साथ साथ कॉमनवेल्थ खेलों में भी गोल्ड मेडल जीता हुआ था.1958 के टोक्यो एशियाई खेलों में मिल्खा सिंह ने 200 मीटर और 400 मीटर की दौड़ में गोल्ड मेडल हासिल किया था

जबकि 1962 के जकार्ता एशियाई खेलों में मिल्खा सिंह ने 400 मीटर और चार गुना 400 मीटर रिले दौड़ में गोल्ड मेडल हासिल किया था.1958 के कार्डिफ़ कॉमनवेल्थ खेलों में मिल्खा सिंह ने 440 गग दौड़ में गोल्ड मेडल हासिल किया था. लेकिन मिल्खा सिंह को सबसे ज़्यादा मशहूरी 1960 को रोम ओलंपिक ने दिलाई जिसमें वे 400 मीटर दौड़ में कांस्य पदक मामूली अंतर से चूक गए थे.रोम ओलंपिक में मिल्खा सिंह ने 400 मीटर की दौड़ 45.73 सेकेंड में पूरी की थी, वे जर्मनी के एथलीट कार्ल कूफमैन से सेकेंड के सौवें हिस्से से पिछड़ गए थे लेकिन यह टाइमिंग अगले 40 सालों तक नेशनल रिकॉर्ड रहा.1947 में भारत- पाकिस्‍तान के बंटवारे का मंजर देखने वाले मिल्‍खा ने उस दर्द को भी झेला. मगर उन्‍होंने हिम्‍मत नहीं हारी और अपने जज्‍बे के दम पर तीन ओलंपिक में भारत का प्रतिनिधित्‍व किया. ये उनकी हिम्‍मत और जज्‍बा ही था

आपको बता दे कि बंटबारे के दर्द को भूलकर वह पाकिस्‍तान गए और वहां के स्‍टार खिलाड़ी को हराया. इसके बाद पाकिस्‍तान के तानाशाह माने जाने वाले जनरल अयूब खान भी उनके कायल हो गए और उन्‍हें फ्लाइंग सिख की उपाधि दी.चार बार के एशियाई खेलों के स्वर्ण पदक विजेता मिल्खा ने 1958 राष्ट्रमंडल खेलों में भी पीला तमगा हासिल किया था. उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन हालांकि 1960 के रोम ओलंपिक में था जिसमें वह 400 मीटर फाइनल में चौथे स्थान पर रहे थे. उन्होंने 1956 और 1964 ओलंपिक में भी भारत का प्रतिनिधित्व किया. उन्हें 1959 में पद्म श्री से नवाजा गया था.

एथलेटिक्स में भारत का परचम लहराने वाले धावक मिल्खा सिंह यूं नहीं फ्लाइंग सिख कहलाते थे। यूं तो मिल्खा ने भारत के लिए कई पदक जीते, लेकिन रोम ओलंपिक में उनके पदक से चूकने की कहानी लोगों को आज भी याद है। लेकिन अब यह फ्लाइंग सिख हमारे बीच नहीं दिखेगा, क्योंकि लगभग 30 दिन तक कोरोना से लड़ाई लड़ने के बाद ये योद्धा जिंदगी की जंग हार गया।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी उनके निधन पर दुःख व्यक्त करते हुए कहा है ”हमने एक महान खिलाड़ी खो दिया है.” रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी ट्वीट कर मिल्खा सिंह के निधन पर शोक प्रकट किया है. उन्होंने लिखा है, ”मिल्खा सिंह एक बेहतरीन एथलीट और स्पोर्टिंग लेजेंड थे. सपा प्रमुख और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने भी दुख जताते हुए कहा, भारत के जाने-माने एथलीट एवं ‘फ़्लाइंग सिख’ के नाम से मशहूर मिल्खा सिंह जी के कोरोना से निधन का दुःखद समाचार प्राप्त हुआ. ईश्वर उनकी आत्मा को शांति व शोकाकुल परिजनों को यह दुःख सहने की शक्ति प्रदान करें

.नीतीश कुमार ने लिखा है, फ्लाइंग सिख मिल्खा सिंह जी के निधन का समाचार अत्यंत दुखद है. देश उनके योगदान को हमेशा याद रखेगा. उनके निधन से खेल जगत को अपूरणीय क्षति हुई है. ईश्वर दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान करें. राहुल गांधी ने लिखा है, मिल्खा सिंह जी केवल स्पोर्ट्स स्टार नहीं थे वो करोड़ों लोगों की प्रेरणा के स्रोत थे.

उनके परिजनों और दोस्तों के प्रति संवेदना, भारत अपने फ्लाइंग सिख को याद रखेगा.प्रियंका गांधी ने लिखा है, ‘देश में जब भी उड़ान की कहानियां कही जाएंगी, तब एक ऐसी शख्सियत का नाम जरूर आएगा जिसने रेस के मैदान में देश और करोड़ों भारतीय युवाओं के सपनों को एक नई ऊंचाई दी.फिल्म अभिनेता और मिल्खा सिंह पर बनीं फिल्म में मुख्य भूमिका निभाने वाले फरहान अख्तर ने भी संवेदना प्रकट की है. उन्होंने लिखा है. मेरे मन का एक हिस्सा यह मानने को बिल्कुल राजी नहीं है कि आप नहीं रहें. वो सकता है यह जिद है. वहीं जिद जो मैंने आप से सीखी थी.’ महानायक अमिताभ बच्चन, शाहरुख खान ,और तमाम बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेताओं ने भी दुःख प्रकट किया है

 

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