दांव-पेच: चिराग को साथ लाने की कवायद में तेजस्वी, 5 जुलाई को मनाएंगे रामविलास पासवान की जयंती

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दो गुटों में बटी लोक जनशक्ति पार्टी में अब चिराग पासवान पूरी तरह से अलग-थलग पड़े हुए हैं। उनके साथ अब ना तो बगावती चाचा पशुपति पारस और नहीं कोई सांसद हैं। वहीं दूसरी ओर राजद चिराग पासवान को अपने गुट में शामिल करने की कवायद में जुटी है।  5 जुलाई को चिराग पासवान के पिता और दिवंगत नेता रामविलास पासवान का जन्मदिन है। चिराग को साथ लाने के लिए राजद भी रामविलास पासवान की जयंती मनाने का फैसला किया है। पार्टी की ओर से एक बयान में कहा गया कि दलित और पिछड़ों के दिवंगत नेता रामविलास पासवान की जयंती पार्टी मनाएगी।

हालांकि, यह दिन आरजेडी के लिए भी खास है। इसी दिन आरजेडी का  स्थापना दिवस है। यानी 5 जुलाई को राष्ट्रीय जनता दल 25वां स्थापना दिवस मनाएगा। राजद ने फैसला किया है कि स्थापना दिवस के कार्यक्रम से पहले रामविलास पासवान की जयंती का कार्यक्रम मनाया जाएगा। सूत्रों की मानें तो लालू यादव की पार्टी राष्ट्रीय जनता दल रामविलास पासवान की जयंती मनाकर चिराग को अपने खेमे में लाने की कोशिश कर रही है।

पिछड़े वोट बैंक पर राजद की नजर
दरअसल, पिछले साल बिहार विधानसभा चुनाव में लोक जनशक्ति पार्टी को करीब 6 फ़ीसदी वो मिले थे। ऐसे में तेजस्वी यादव की नजर दलित और पिछड़े वोटबैंक पर है।  चिराग के पास जो 6 फ़ीसदी पासवान वोट बैंक है उसको अपनी ओर मोड़ा जाए। ताकि अगामी लोकसभा और विधानसभा चुनाव में उसका फायदा राजद को मिल सके।

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