चारधाम यात्रा : HC ने कहा, ‘फिर सोचिए’, सरकार ने कहा, ‘तीन जिलों के लिए जारी करेंगे गाइडलाइन’

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आगामी 1 जुलाई से चारधाम यात्रा को स्थानीय लोगों के लिए आंशिक रूप से शुरू करने का फैसला ​उत्तराखंड सरकार ने लिया है. हालांकि तीन दिन पहले हाईकोर्ट ने इसे वापस लिये जाने की बात कही थी. उत्तराखंड हाईकोर्ट ने कोविड 19 महामारी के दौरान इस यात्रा पर अंदेशा ज़ाहिर करते हुए कहा था, चूंकि जम्मू व कश्मीर में अमरनाथ यात्रा को भी रद्द किया गया है, इसलिए राज्य की तीरथ सिंह रावत सरकार को भी या तो चारधाम यात्रा को रद्द करना चाहिए या स्थगित. दूसरी तरफ उत्तराखंड सरकार के प्रवक्ता ने शर्तों और गाइडलाइनों के साथ चारधाम यात्रा को शुरू करने के फैसले के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि सिर्फ तीन ज़िलों के लोगों के लिए ही यात्रा शुरू की जा रही है और गाइडलाइन्स तय की जा रही हैं।

राज्य सरकार के प्रवक्ता सुबोध उनियाल ने शनिवार को कहा कि जल्द ही चार धाम यात्रा के बारे में तीन ज़िलों के लिए विस्तृत गाइडलाइन जारी की जाएगी. एएनआई के मुताबिक उनियाल ने कहा कि सरकार सुनिश्चित करेगी कि प्रोटोकॉल का पालन हो. इससे एक दिन पहले उनियाल ने बताया था कि बद्रीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री धाम को चमोली, रुद्रप्रयाग और उत्तराकाशी ज़िलों के स्थानीय लोगों के लिए 1 जुलाई से खोला जाएगा. कोविड संबंधी निगेटिव रिपोर्ट उन सभी भक्तों के लिए अनिवार्य होगी, जो तीर्थस्थलों के मंदिरों में प्रवेश करना चाहेंगे. उनियाल ने यह भी कहा कि एक पूरी गाइडलाइन का पालन इस दौरान करना होगा. साथ ही, एक वरिष्ठ अधिकारी हर धाम मंदिर और ज़िला प्रशासन के बीच समन्वय के लिए पदस्थ रहेगा. इसके पहले हाई कोर्ट ने इस यात्रा को शुरू करने के बारे में चिंता ज़ाहिर की।

गौरतलब है कि बुधवार को कोविड-19 महामारी से जुड़ी कई याचिकाओं की सुनवाई के दौरान हाई कोर्ट ने ये निर्देश दिए. बता दें कि बीते 20 जून को उनियाल ने राज्य सरकार के निर्णय के बारे में बताया था और इससे पहले 29 अप्रैल को संक्रमण के मद्देनज़र राज्य में चारधाम यात्रा को स्थगित किया गया था।

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