जिला पंचायत अध्यक्ष चुनाव: सपा ने झोंकी ताकत, वरिष्ठ नेताओं को दी जिम्मेदारी

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उत्तर प्रदेश के करीब डेढ़ दर्जन जिलों में मात खाने के बाद समाजवादी पार्टी ने ताकत झोंक दी है। पार्टी के सभी पूर्व सांसदों, पूर्व विधायकों एवं अन्य वरिष्ठ नेताओं को जिला पंचायत सदस्य का सहयोग करने का निर्देश दिया गया है। यह भी कहा गया है कि चुनाव होने तक अपने जिलों में ही रहें।
सपा को जिला पंचायत सदस्य चुनाव में बेहतर प्रदर्शन के बाद भी अध्यक्ष पद पर कई जिलों में मात मिली है। चुनावी प्रबंधन में फेल होने वाले 11 जिला अध्यक्षों को पद मुक्त कर दिया गया है। संबंधित जिलों में कई वरिष्ठ नेताओं पर भी गाज गिराने की तैयारी है। सपा के रणनीतिकारों का कहना है कि चुनावी प्रबंधन का चक्र टूटने के लिए दोषी नेताओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी तय है। अभी पूरा फोकस जिला पंचायत अध्यक्ष और ब्लॉक प्रमुख के चुनाव पर है।

पार्टी नेतृत्व ने कुछ खास लोगों को उन जिलों की मॉनीटरिंग करने की जिम्मेदारी दी है जहां के अध्यक्ष पद के प्रत्याशी सहयोग न मिलने की शिकायत कर चुके हैं। ऐसे करीब 20 जिलों में विशेष निगरानी की जा रही है। पार्टी हाईकमान ने सभी पूर्व सांसदों, पूर्व विधायक व अन्य वरिष्ठ नेताओं को अपने जिले में पार्टी उम्मीदवारों का सहयोग करने का निर्देश दिया है।
यह भी कहा गया है कि सभी वरिष्ठ नेता जिला पंचायत सदस्य की निगरानी करेंगे। विपक्षियों द्वारा निशाना बनाए जाने पर उनकी हर संभव मदद करेंगे। इस बात की भी मॉनीटरिंग की जा रही है कि कितने पूर्व विधायक और पूर्व सांसद जिला पंचायत सदस्यों का वोट इकट्ठा करने में कामयाब रहे।

चुनाव बाद कई नेताओं पर गिर सकती है गाज
सपा का शीर्ष नेतृत्व गुटबाजी करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के मूड में है। पार्टी के एक वरिष्ठ नेता ने बताया कि शनिवार को एक साथ 11 जिला अध्यक्षों के खिलाफ कार्रवाई करके इसका संकेत दिया जा चुका है। संबंधित जिलों के अलावा अन्य जिलों के भी कई वरिष्ठ नेता निशाने पर हैं। इनके बारे में संबंधित जिले के जिला पंचायत अध्यक्ष पद के उम्मीदवार लगातार शिकायत कर रहे हैं।

कई जिलों से पूर्व विधायक और विधायक के खुद गुटबाजी को हवा देने की भी शिकायत मिली है। रविवार को भी पार्टी कार्यालय में इस मसले पर मंथन होता रहा। प्रदेश अध्यक्ष नरेश उत्तम ने खुद करीब 20 जिलों के वरिष्ठ नेताओं को फोन कर सदस्यों को लामबंद करने और पार्टी की ओर से घोषित उम्मीदवार को जिताने की अपील की।

कई जिलों में शुरू हुआ सोशल मीडिया वार
पर्चा दाखिल कराने में नाकामयाब रहे 11 जिला अध्यक्षों के हटाए जाने के बाद सोशल मीडिया पर आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया है। फेसबुक और ट्विटर पर सपा के कार्यकर्ता संबंधित जिलाध्यक्ष के समर्थन में उतर गए हैं।

मुरादाबाद जिला अध्यक्ष जय वीर सिंह यादव के समर्थन पर बाकायदे अभियान चल रहा है। इसी तरह भदोही के जिलाध्यक्ष विकास यादव के समर्थकों ने भी लिखा है कि जिला पंचायत अध्यक्ष पद के प्रत्याशी की गलती की सजा किसी और को नहीं मिलनी चाहिए। ऐसी ही स्थिति अन्य जिलों की भी है।

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