अनुसूचित जाति में शामिल होने के लिए सड़क पर उतरा निषाद-कश्यप समाज

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यूपी में निषाद कश्यप समाज को अनुसूचित जाति में शामिल करने की मांग को लेकर रविवार को मथुरा में बड़ी संख्या में महिला व पुरुषों ने युवा नेता कुंवर सिंह निषाद के नेतृत्व में सड़कों पर उतरकर पदयात्रा का आगाज किया। पदयात्रा में बिहार, मध्यप्रदेश, दिल्ली, राजस्थान, महाराष्ट्र सहित उत्तर प्रदेश के विभिन्न जनपदों के लोग शामिल हुए। सर्वदलीय निषाद कश्यप यूनियन ने आरक्षण के लिए पहले से ही पैदल मार्च का एलान कर रखा था। सुरक्षा और किसी उग्र प्रदर्शन को रोकने के लिए भारी संख्या में पुलिस बल मुस्तैद रहा।

लंबे अर्से से चली आ रही आरक्षण की मांग को लेकर 11 जुलाई से सर्वदलीय निषाद कश्यप यूनियन की पदयात्रा कुंवर सिंह निषाद के नेतृत्व में मथुरा से शुरू होकर 3 महीने तक प्रदेश के प्रत्येक जनपद में होगी। निषाद कश्यप समाज को आरक्षण देने का मुद्दा भाजपा के चुनाव घोषणापत्र का भी हिस्सा रहा है। कुंवर सिंह ने मोदी भाजपा सरकार पर बरसते हुए कहा कि गद्दी संभालने के बाद से ही पिछड़ी अनुसूचित जाति और कमजोर तबकों का दमन शुरू हो गया था। अब स्थिति बहुत विकराल हो गई है। मोदी सरकार ने निषादों को अनुसूचित जाति में शामिल करने के लिए यूपी सरकार के 2014 का प्रस्ताव खारिज कर दिया है। हम अपना अधिकार लेकर ही रहेंगे।

पदयात्रा में रामकुमार, अजयपाल ठाकुर, कैलाश निषाद, खूबचंद निषाद, डॉ. पुरुषोत्तम निषाद, हेमंत निषाद, वीरपाल निषाद, प्रवीण निषाद, हुकुम सिंह, सुरेश निषाद, सुरेश वर्मा, राजेश वर्मा, रामरतन निषाद, कन्हैया निषाद, दिनेश निषाद, हरपाल वर्मा, विष्णु प्रताप वर्मा, रामवीर सिंह, अंकित सक्सेना, धर्मवीर पहलवान, हेमो पहलवान, गिर्राज सिंह, गिरवर, संत स्वरूप, महेश निषाद, अनिल राजभर, सुखदेव कश्यप शामिल रहे।

रिपोर्ट – संदीप सिंह

 

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