आतंकियों को पिस्टल मुहैया कराने वाला शकील लखनऊ से गिरफ्तार, हो सकता है बड़ा खुलासा

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अलकायदा के आतंकवादी मिनहाज और मसीरुद्दीन के तीसरे साथी शकील को एटीएस ने बुधवार की सुबह बुद्धा पार्क के पास से गिरफ्तार कर लिया। शकील पर आरोप है कि उसने कानपुर से दोनों आतंकियों को पिस्टल उपलब्ध कराई थी। एटीएस की टीम शकील को बिजनौर स्थित मुख्यालय ले गई है, जहां पर उसका अलकायदा के दोनों आतंकियों मिनहाज और मसीरुद्दीन से आमना-सामना कराया जाएगा। एटीएस के साथ ही दिल्ली से आई स्पेशल सेल, एनआईए, रॉ और आईबी के अधिकारी आतंकी नेटवर्क से जुड़े सवाल जवाब करेंगे।

दरअसल, एटीएस को सूचना मिली थी कि आतंकवादी मिनहाज और मसीरुद्दीन का तीसरा साथी शकील बुद्धा पार्क के पास ई-रिक्शा से गुजरने वाला है। सूचना के आधार पर एटीएस की टीम ने घेराबंदी की और शकील को पकड़ लिया। एटीएस ने शकील के परिवार के सदस्यों को फोन करके उसकी गिरफ्तारी की सूचना दी।

वजीरगंज थाना क्षेत्र के जनतानगर स्थित घर में रह रहे परिवार के सदस्यों को जब शकील की गिरफ्तारी की सूचना मिली तो हड़कंप मच गया। शकील के घर पहुंचे मीडियाकर्मियों को इलाके के लोगों ने बंधक बनाने की कोशिश की। कवरेज करने पहुंचे मीडिया कर्मियों से शकील के घर वालों और पड़ोसियों ने फोटो खींचने पर जमकर हाथापाई की। कैमरा तोड़ा और जमकर हंगामा किया।शकील के भाई मोहम्मद फरीद ने आरोपों से इनकार किया है। फरीद का कहना है कि वो बेहद गरीब लोग हैं और मजदूरी या ई-रिक्शा चलाकर परिवार का पेट पालते हैं।

आतंकवादी संगठनों या आतंकवादियों से शकील का किसी भी तरह से कोई लेना देना नहीं है। उन्हें फंसाने की कोशिश की जा रही है। बता दें, लखनऊ से 11 जुलाई को गिरफ्तार किए गए दोनों आतंकवादी जम्मू-कश्मीर में रहने वाले दो कमांडर तौहीद और मूसा के सीधे संपर्क में थे। ई रिक्शा के जरिए ब्लास्ट करने के लिए मिनहाज ने मुशीर को जिम्मेदारी सौंपी थी।

 

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