यूपी में तालिबान के मुद्दे को और हवा देगी बीजेपी सपा के पक्ष में मुसलमानों के एकजुट होने का सता रहा डर

Facebook
X
WhatsApp

उत्तर प्रदेश की सियासी राजनीति में ‘तालिबान’ की एंट्री हो चुकी है। समाजवादी पार्टी के सांसद शफीकुर्रहमान बर्क के तालिबन के समर्थन वाले बयान पर सीएम योगी आदित्यनाथ ने विधानसभा में जिस तरह से सपा पर पलटवार किया उससे ऐसे संकेत मिले कि आने वाले दिनों में तालिबान के मुद्दे को बीजेपी और हवा देगी। गुरुवार को दिल्ली में गृहमंत्री अमित शाह और बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्‌डा से सीएम योगी ने मुलाकात की थी। सूत्रों के मुताबिक इस बैठक में तालिबान के मुद्दे को लेकर भी रणनीति बनायी गई। बीजेपी के रणनतिकारों को इस बात का डर सता रहा है कि तालिबानी समर्थन वाले बयान पर यूपी के मुसलमान यदि सपा के पक्ष में लामबंद हुए तो मिशन 2022 की राह काफी कठिन हो जाएगी।

सीएम योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को सदन में तालिबान का जिक्र करते हुए कहा कि जो लोग तालिबान का समर्थन कर रहे हैं उन्हें शर्म आनी चाहिए। सीएम योगी के इस बयान के बाद ही तालिबान के मुद्दे ने और तूल पकड़ लिया। सियासी उठापटक के बीच सीएम को दिल्ली तलब किया गया जिसमें इस बात पर भी चर्चा हुई कि तालिबानी मुद़दे को काउंटर करने के लिए बीजेपी सरकार और संगठन की रणनीति क्या रहेगी।

भाजपा के सूत्रों ने बताया कि सपा के नेताओं के तालिबानी समर्थन बयान के बाद बीजेपी को बैठे बिठाए एक मुद्दा मिल गया। वह इस मुद्दे को और लंबा खींचना चाहती है। पार्टी को इसमें फायदा दिख रहा है। भाजपा इस मुद्दे को गरमाकर हिन्दुओं को एकजुट करना चाहती है। वह चाहती है कि इस मुद्दे को गरमाए रखने से यूपी में गैर मुस्लिम जातियों में माहौल बनाने में आसानी रहेगी। आने वाले दिनों में तालिबानी मुद्दे को लेकर सियायसत और तेज होने की उम्मीद है।

 

The specified slider does not exist.

ताजा खबरें