भृष्टाचार मामले में प्रशासन की खामोशी से किसानों में आक्रोश

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बेलरायां खीरी : इसे सरकारी मशीनरी की अनदेखी कहें या उनकी नाकामी कहें कि किसानों की मिल बचाओ अभियान में मिल को घाटे की तरफ ले जाने वाले अधिकारियों की जांच मामले में उच्चाधिकारियों की तरफ से कोई ठोस कार्यवाही नही की जा रही है,जिससे आहत किसानों में आक्रोश की लहर साफ देखी जा रही है,नाराज किसानों ने ज्येष्ठ गन्ना अधिकारी मनोज पांडे के द्वारा मुख्य गन्ना आयुक्त उत्तर प्रदेश व प्रबन्ध निदेशक चीनी मिल संघ को दिए ज्ञापन में मिल अधिकारियों के द्वारा किए जा रहे भृष्टाचार की मांग की है।
सरजू सहकारी चीनी मिल बेलरायां के घाटे का संज्ञान लेते हुए किसान मिल बचाओ महाअभियान चलाते हुए ज्ञापन के माध्यम से मिल के चीफ इंजीनियर वीरेंद्र कुमार पर ठेकेदार व सप्लायरों से मिलकर मोटे कमीशन लेने के चलते मिल की आर्थित स्थिति को कमजोर करते चले जा रहे हैं।साथ ही चीनी,शीरे,बैगास और प्रसमड कि बिक्री में भी सबकुछ ठीक न होने की जानकारी मिलते ही मुख्य गन्ना आयुक्त और प्रबन्ध निदेशक चीनी मिल संघ को लिखित शिकायत की लेकिन आरोपित अधिकारियों पर अभी तक कोई कार्यवाही न होने से नाराज किसानों में आक्रोश ब्याप्त होता जा रहा है।

इलाके की जीवन दायनी सरजू सहकारी चीनी मिल यूं तो अपने अंदर बहुत से दर्द समेटे हुए है, कभी नेशनल एवार्ड पाकर अपने को गौरवान्वित महसूस करती थी लेकिन ये नहीं मालूम था कि उच्चाधिकारियों की अनदेखी के चलते एक दिन ऐसा भी आएगा जब भृष्टाचार का दीमक उसकी जड़ों को इतना कमजोर कर देगा कि उसके वजूद पर खतरा मंडराने लगेगा चीनी मिल बेलरायां आज हजारों करोड़ के घाटे में पहुंचते हुए दम तोड़ती नजर आ रही है।

हैरत की बात तो ये है कि मालिकाना हैसियत रखने वाले किसानों की आवाज को कोई सुनने वाला नही है जिस किसान ने चीनी मिल को मां की तरह पूजा था आज वही चीनी मिल कर्ज के बोझ तले दबकर किसानों से अपने वजूद को बचाने की भीख मांग रही है आज बेचारा बेबस किसान मिल अधिकारियों के द्वारा की जाने वाली भृष्टाचार नीति व उनके द्वारा अर्जित की जाने वाली सम्पति की मांग कर रहा है तो कोई सुनने वाला नहीं।

जब किसानों की आवाजों को अपने समाचार पत्रों में उठाई तो देश के चौथे स्तम्भ पत्रकारों को खबरें न छापने की अज्ञात तरीके से धमकियां मिलने लगी अगर मिल अधिकारियों के खिलाफ जांच न हुई तो वो दिन दूर नहीं जब चीनी मिल कर्ज के बोझ तले दबकर बन्द हो जाएगी।इस सम्बंध में जिला गन्ना अधिकारी बृजेश पटेल ने उच्चाधिकारियों से जांच होना बताया वहीं गन्ना मुख्य आयुक्त के टोल फ्री नम्बर पर बात की गई तो मालूम हुआ कि जांच के आदेश दे दिए गए हैं जांचोपरांत बाद दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों पर कार्यवाही होगी।ज्ञापन देने वाले किसानों में डॉ संजय वर्मा, महेश मिश्रा, जसवंत कुमार वर्मा , गुरमीत सिंह अजय कुमार वर्मा, पंकज विश्वकर्मा, बृजेंद्र कुमार राजकुमार जगन्नाथ, राकेश यादव, बिहारी लाल ,मोहित, रामपाल, देवेंद्र वर्मा कपिल कुमार इंद्रपाल सिंह आदि किसान उपस्थित रहे।

रिपोर्ट – अजय वर्मा

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