रायबरेली — आधार कार्ड की उपयोगिता को लेकर जहां विभागों में अनिवार्यता पर संवैधानिक अधिकार दिए जा रहे हैं वहीं दूसरी तरफ गलत तरीके से तथ्यों को छुपाकर आधार कार्ड बनाकर संपत्ति और प्रॉपर्टी हथियाने में कोई गुरेज नहीं बरता जा रहा है। मामला विकासखंड डलमऊ की ग्राम सभा भीमगंज मजरे खलीलपुर तहसील व थाना डलमऊ की रहने वाली बीना चौधरी पत्नी राजेश कुमार ने बताया कि मेरा विवाह वर्ष 1989 में राजेश कुमार पुत्र स्वर्गीय रामसनेही के साथ हुआ था मेरे सारे प्रपत्र आधार कार्ड वोटर आईडी परिवार रजिस्टर राशन कार्ड पेपर पर वैधानिक बने हुए हैं। जब मैं अभी जीवित हूं मेरे पति से अभी तक मेरा तलाक नहीं हुआ है तब एक महिला जिसका नाम चेतना निर्मल उर्फ रेखा ने अपने आधार कार्ड में मेरे पति का नाम पता दर्ज कराया है और मेरी संपत्ति हथियाने की साजिश रची जा रही है। जिसका आधार कार्ड नंबर 451287950432 है मै बीना चौधरी पत्नी राजेश कुमार शासन प्रशासन से आग्रह करती हूं कि जालसाज महिला के फर्जी प्रपत्र की जांच करा कर संविधानिक कार्यवाही की जाए। वहीं दूसरी तरफ हिंदू रीति रिवाज के अनुसार मेरा विवाह राजेश के साथ से हुआ था और वैवाहिक विच्छेद भी नहीं हुआ है और उसके उपरांत इस तरह इस तरह की जालसाजी के खिलाफ शिकायत के बावजूद भी डलमऊ पुलिस द्वारा कोई कार्यवाही नहीं की जा रही है जिससे बीना चौधरी काफी आहत है लेकिन कार्रवाई कोई नहीं हो रही है कब होगी इस जालसाज महिला पर कार्यवाही या पुलिस की कार्यशैली पर सवालिया निशान है।









