बाराबंकी : त्रिवेदीगंज में आवारा पशुओं की सुरक्षा व देखरेख के लिए संचालित अस्थाई गौ आश्रय स्थल अव्यवस्था की भेंट चढ़े हैं। इसके चलते ही बीते दो दिन में हुई मूसलाधार बारिश से ब्लॉक की हसनपुर गौशाला में करीब डेढ़ दर्जन पशुओं की मौत हो गई। चौकाने वाली बात यह रही कि इसकी जानकारी भी किसी अधिकारी को नहीं हुई। शुक्रवार को बारिश थमने के बाद जब ग्रामीणों ने इसकी शिकायत की तो प्रशासन मामले की लीपापोती में जुट गया।
शुक्रवार को हसनपुर गौशाला में मरे पड़े पशुओं को देख ग्रामीणों की आंखे नम हो गई। बुधवार रात से मूसलाधार बारिश के कारण गौशाला परिसर में करीब तीन फुट तक पानी भर गया। दूषित पानी के बीच खड़े करीब पौन तीन सौ गाय साड़ व बछडा, बछिया, चारा, पीने के पानी व इलाज की कमी से मरते रहे और केंद्र प्रभारी से लेकर पंचायत के प्रधान तक ने इनकी सुधि नहीं ली।
शुक्रवार को गौशाला का पानी उतरने पर परिसर में नाद के पास कई पशु मरे पड़े थे। ग्रामीणों के मुताबिक कई छोटी बछिया, बछडा गौशाला के बगल नाला में बह गए जो आगे कई जगह किनारों पर पड़े है। आए दिन गौशाला में पशुओं की मौत होती है जिनको ठेलिया पर लादकर कुछ दुरी पर फेंक दिया जाता है।
ग्रामीणों की सूचना पर खंड विकास अधिकारी हेमंत कुमार , पशु चिकित्सक डॉ. विपशा सिंह सहित अन्य कर्मचारी मौके पर पहुंचे और मामले की जांच की। गौशाला प्रभारी डॉ. विपाशा नें बताया दो सौ पशुओं को रखने की छमता वाली गौशाला में ढाई सौ से अधिक पशु हैं।
बारिश में जलभराव के चलते आठ की मौत हुई है तथा 12 पशुओं का इलाज किया जा रहा है। वहीं खंड विकास अधिकारी हेमंत कुमार नें बताया बारिश में जलभराव के कारण मरे पशुओं का पीएम कराकर शव गड्ढ़ेे में दबाए गए हैं। गौशाला में पानी निकासी सहित अन्य कमियों को जल्द दूर कराया जाएगा।









