अमेठी में दलित छात्रा से भेदभाव के आरोप में टीचर सस्पेंड, केस दर्ज

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केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी के संसदीय क्षेत्र अमेठी में दलित छात्रा से स्कूल में भेदभाव करने का मामला सामने आया है। बनपुरवा प्राथमिक विद्यालय में पढ़ने वाली 10 वर्षीय छात्रा को मिड-डे मील के दौरान अलग से कतार में बैठाने और इसकी शिकायत करने पर बेवजह पिटाई के आरोप में प्रधानध्यापिका कुसुम सोनी को निलंबित करते हुए जातीय भेदभाव करने का मामला दर्ज किया गया है।

अमेठी ब्लॉक क्षेत्र के बनपुरवा मजरे गड़ेरी से दो दलित परिवार मंगलवार को ग्राम प्रधान विनय जायसवाल के साथ संग्रामपुर थाने पहुंचे। उन्होंने बताया कि उनके परिवार के बच्चे गांव के प्राथमिक स्कूल में पढ़ते हैं, जहां प्रधानाध्यापिका कुसुम सोनी बच्चों के साथ सामाजिक भेदभाव करती हैं। वह मिड-डे मील के दौरान बच्चों को अलग लाइन में बैठाती हैं और इसकी शिकायत करने पर बच्चों की जमकर पिटाई भी करती हैं।

मामले की जानकारी होने पर बीएसए डॉ. अरविंद कुमार पाठक, बीडीओ अमेठी विजय अस्थाना और बीईओ हरिनाथ सिंह स्कूल पहुंचे, जहां उन्हें दरवाजे पर ताला लटका मिला। अफसरों ने मौके पर मौजूद ग्रामीणों से पूछताछ की तो उन्हों प्रधानाध्यापिका पर लगे आरोपों को सही बताया। ग्रामीणों का बयान दर्ज कराने के बाद वापस लौटे बीएसए ने बुधवार को प्रधानाध्यापिका को सस्पेंड करते हुए उनके खिलाफ तहरीर देकर संग्रामपुर थाने में केस दर्ज कराया है। निलंबन अवधि में प्रधानाध्यापिका को बीईओ कार्यालय अमेठी से संबद्ध करते हुए जांच की जिम्मेदारी बीईओ गौरीगंज को दी गई है। बीएसए डॉ. अरविंद कुमार पाठक ने कहा कि प्रधानाध्यापिका को प्रथम दृष्टया दोषी पाया गया है। मामले की निष्पक्ष जांच हो सके इसके लिए उन्हें बीईओ कार्यालय अमेठी से संबद्ध किया गया है। विस्तृत जांच की जिम्मेदारी बीईओ गौरीगंज को दी गई है।

इस मामले में आरोपी कुसुम सोनी ने कहा, ”मैं सबके साथ एक जैसा व्यवहार करती हूं, सभी बच्चे एक साथ बैठते हैं। जहां तक आरोपों का सवाल है, गांव के मुखिया का प्रतिनिधि होने का दावा करने वाला पवन दुबे स्कूल में आया था। उसने सभी को बाहर धकेल दिया, गेट बंद कर दिया और स्कूल में तस्वीरें खींच ली। फिर उन्हें सोशल मीडिया पर पोस्ट कर दीं। मैंने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है।

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