उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी में कथित रूप से केंद्रीय राज्य मंत्री अजय मिश्रा टेनी के बेटे आशीष मिश्राा के द्वारा गाड़ी से कुचले जाने के बाद आठ आंदोलनकारी किसानों की मौत हो गई है, जबकि कई घायल है। इस घटना के बाद प्रदेश में बवाल मचा हुआ है, किसान आक्रोशित हैं और पुलिस-प्रशासन कानून व्यवस्था बनाए रखने की कोशिश कर रही है। इस बीच अजय मिश्रा टेनी का एक पुराना बयान वायरल हो रहा है जिसमें वह किसानों को धमकाते नजर आ रहे हैं।
वायरल हो रहा केंद्रीय राज्य मंत्री अजय मिश्रा टेनी का यह बयान 20 दिन पुराना है, इसमें वह किसी कार्यक्रम को संबोधित करते नजर आ रहे हैं। अजय मिश्रा के इस बयान को अब लखीमपुर खीरी घटना से जोड़कर देखा जा रहा है। लोगों का कहना है कि लखीमपुर में मचे बवाल में काफी हद तक मंत्री के बयान ने अहम भूमिका निभाई। अपने बयान में अजय मिश्रा आंदोलनकारी किसानों को धमकाते हुए सुधर जाने की हिदायत दी थी।
सभा को संबोधित करते हुए अजय मिश्रा ने कहा था, आप भी किसान हैं आप क्यों नहीं उतर गए आंदोलन में, अगर मैं उतर जाता तो उनको भागने का रास्ता नहीं मिलता। 10 से 15 लोग शोर मचा रहे हैं, अगर कृषि कानून खराब है तो यह आंदोलन पूरे देश में क्यों नहीं फैल गया…दस-ग्यारह महीने हो गए। मैं ऐसे लोगों को कहना चाहता हूं सुधर जाओ…नहीं तो सामना करो आकर हम आपको सुधार देंगे दो मिनट लगेगा…मैं केवल मंत्री नहीं हूं या केवल सांसद या विधायक नहीं हूं। जो लोग हैं विधायक या मंत्री बनने से पहले मेरे बारे में जानते होंगे कि मैं किसी चुनौती से भागता नहीं हूं…।
लखीमपुर खीरी में डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य के दौरे पर किसानों ने कृषि कानूनों का विरोध किया और काले झंडे दिखाए। किसानों का आरोप है कि आशीष मिश्राा की गाड़ी ने आंदोलनकारियों पर गाड़ी चढ़ा दी जिसमें कई लोगों की मौत हो गई। इस घटना के बाद केंद्रीय राज्य मंत्री अजय मिश्राा टेनी और उनके बेटे आशीष मिश्राा के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।









