यूपी एटीएस ने अवैध धर्मांतरण गिरोह के एक और सदस्य को धर-दबोचा है। आरोपी की पहचान सरफराज अली जाफरी के रूप में हुई है। एटीएस ने जाफरी को पूछताछ के बाद गिरफ्तार किया है। एटीएस के मुताबिक, अवैध धर्मांतरण गिरोह चलाने के मुख्य आरोपी कलीम सिद्दीकी का साथी सरफराज जाफरी अवैध धर्मांतरण गिरोह के नेटवर्क के माध्यम से धर्मांतरिक व्यक्तियों को डोक्युमेंटेशन के लिए सह अभियुक्त उमर गौतम के इस्लामिक दावा सेंटर भी भेजा जाता था।
यूपी एटीएस की गिरफ्त में आया सरफराज अली जाफरी गलोबल पीस सेंटर का सह संचालक है। सरफराज ने फोन से धर्मांतरण का बड़ा नेटवर्क तैयार किया था। वह अमरोहा का रहने वाला है और फिलहाल दिल्ली के बाटला हाउस के ब्लाक सी में किराए का मकान लेकर रह रहा था। एटीएस की जांच में पता चला है कि सरफराज ग्लोबल पीस सेंटर के अलावा ह्यूमैनिटी फॉर आल, न्यू दिल्ली नाम की संस्था के नाम पर कथित तौर पर सामाजिक कार्यों की आड़ में अवैध धर्मांतरण की गतिविधियों में संलिप्त था।
यूपी एटीएस ने इसी साल जून में नोएडा से चलने वाले धर्मांतरण रैकेट का खुलासा किया था। इस मामले में मौलाना उमर गौतम और मुफ्ती काजी जहांगीर कासमी को गिरफ्तार किया गया था। इसी मामले में एटीएस ने बीते 21 सितंबर को मौलाना कलीम सिद्दीकी को भी गिरफ्तार किया गया था। उसकी गिरफ्तारी के बाद एटीएस ने मोहम्मद इदरिस, मोहम्मद सलीम और कुनाल अशोक चौधरी उर्फ आतिफ को भी पकड़ा। मोहम्मद इदरिस और मोहम्मद सलीम मुजफ्फरनगर और आतिफ नासिक का रहने वाला है। इन तीनों पर मुजफ्फरनगर के रहने वाले मौलाना कलीम सिद्दीकी की मदद करने का आरोप है।
एटीएस के मुताबिक, ये रैकेट देशभर में फैला हुआ है। धर्मांतरण का ये पूरा खेल दो साल से चल रहा था। जांच अभी जारी है। एटीएस जगह-जगह छापेमारी कर रही है। दो दिन पहले ही यूपी एटीएस ने कोर्ट के आदेश के बाद दिल्ली में मौलाना कलीम सिद्दीकी के चार ठिकानों पर छापेमारी की थी। इस दौरान कई डेक्सटॉप, टेबलेट और महत्वपूर्ण दस्तावेज मिले थे। यूपी एटीएस अवैध धर्मांतरण मामले में मौलाना कलीम सिद्दीकी समेत 16 लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है।









