रायबरेली: औघड़ भगवान राम कुष्ठ सेवा आश्रम द्वारा रजाई वितरण कार्यक्रम सम्पन्न

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रायबरेली : आधुनिकता और भौतिकवाद के इस दौर में मानवता की सेवा का सारथी बना है श्री सर्वेश्वरी समूह।  श्री सर्वेश्वरी समूह के संस्थापक परम पूज्य अघोरेश्वर भगवान राम पर आस्था व्यक्त करते हुए लोग समूह से जुड़कर जाति और धर्म से ऊपर दीन-दुखियों की सेवा के लिए कार्य कर रहे हैं। अन्तराष्ट्रीय स्तर पर मानव सेवा के लिए श्री सर्वेश्वरी समूह का नाम गिनीज बुक आफ दी वल्र्ड रिकार्ड में दर्ज है उक्त उद्गार बनारस आश्रम से पधारे औघड़ सन्त मगहियाराम द्वारा डीह ब्लाक के ग्राम निनांवा कोट बारा में जरूरतमंदों के मध्य रजाई वितरण कार्यक्रम के दौरान कही।  पूज्य बाबा जी ने बताया कि समूह का उद्देश्य मानव मात्र की सेवा करना है। रायबरेली की शाखा के द्वारा ठंड के मौसम में प्रत्येक वर्ष रजाई व कम्बल का वितरण जरूरतमंदों के मध्य किया जाता है। इसी क्रम में दिसम्बर माह में दरियापुर ग्राम सभा में पात्र लोगों के मध्य रजाई वितरित की गयी। आश्रम परिवार द्वारा निःशुल्क चिकित्सा कैम्प, गर्मी से निजात दिलाने के उद्देश्य से निःशुल्क प्याऊ, चिकित्सालय परिसर में हाथ के पंखे, पर्यावरण संरक्षण के उद्देश्य से जनपद के विभिन्न ग्रामों में वृक्षारोपण कराया जाता है।

शाखा रायबरेली के उपाध्यक्ष हर्षेन्द्र सिंह ‘छोटे राजा’ ने कहा कि प्राणीमात्र में परमात्मा का वास होता है, इसीलिए प्राणीमात्र की सेवा परमात्मा की सेवा है।  जनसेवा ही भारतीय संस्कृति का मूल धर्म है। जनसेवा भारतीय संस्कृति की महानता में चार चाँद लगा देता है।  सेवानिवृत्त प्रधानाचार्य दल बहादुर सिंह ने कहा कि समय और काल की आवश्यकता के अनुसार परमपूज्य अघोरेश्वर ने 21 सितम्बर 1961 को श्री सर्वेश्वरी समूह की स्थापना की। समूह का उद्देश्य था मानवता और कल्याण की गतिविधियों को समाज मंे विस्तृत कर एक उदाहरण प्रस्तुत करना। श्री सर्वेश्वरी समूह एक सामाजिक और आध्यात्मिक संस्था है, जो लोगों के आध्यात्मिक मुक्ति, विकास, प्रगति और उनके कल्याण के लिए समर्पित है।

समूह निर्धन लोगों के सामाजिक उत्थान और उन्हें आध्यात्मिक विकास की ओर ले जाने वाली संस्था है। समूह के द्वारा चलाये जा रहे कार्यक्रमों का एक महत्वपूर्ण पक्ष यह है कि अब भी समूह भारत के पिछड़े हुए निर्धन लोगों के जीवन को संवारता है, उनके लिए कार्य करता है। व्यवस्थापक बृजेश सिंह ने कहा कि लोक कल्याण और विश्व में शान्ति की स्थापना समूह का उद्देश्य है। दीन दुखी असहाय गरीब और कुष्ठ रोगियों की सेवा समूह का प्रमुख कार्य है। रायबरेली आश्रम परिसर में पथरी से निदान दिलाने के उद्देश्य से प्रत्येक रविवार को फकीरी पद्धति के माध्यम से निःशुल्क दवा वितरित की जाती है। शाखा के संयुक्त मन्त्री डा0 शशांक द्विवेदी ने कहा कि सर्वेश्वरी समूह मानव गतिविधि के हर एक पहलू – सामाजिक, धार्मिक, आर्थिक, राजनीतिक और सांस्कृतिक से जुड़ा है, अपने आप में समाहित किये हैं।  यहाँ व्यक्ति अपने साथ के इस शाश्वत शांति और प्रसन्नता को अन्य के लिए भी साझा करने को तत्पर है, जिसके लिए हम सबकी उत्कंठा है।  समूह ऐसे गुणी लोगों की संस्था या संगठन है जो निःसहाय की सहायता करना चाहते हैं, समाज के पिछड़े, निर्धन वर्ग की सेवा करना चाहते हैं, चाहे वह किसी भी वर्ग, जाति धर्म या समुदाय को हो। शाखा रायबरेली के कार्यकारिणी सदस्य आशुतोष सिंह ‘राजू’ ने कहा कि पूज्य अघोरेश्वर महाप्रभू ने जो मार्ग दिखाया है, वही सच्चा मार्ग है।  गरीब, कुष्ठ रोगियों की सेवा करना ही पुनीत कार्य है। इस अवसर पर मुख्य रूप से रमेश सिंह, अशोक कोरी, जितेन्द्र सिंह, शिव लखन सिंह, मनीष सिंह, दिनेश सिंह, अभिषेक सिंह, ग्राम प्रधान रमाकान्त तिवारी, धर्मेन्द्र यादव, राहुल गुप्ता, विनोद जायसवाल, शैलेन्द्र सिंह, प्रमोद यादव आदि लोग उपस्थित रहे।

रिपोर्ट : राम सुमेर

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