सीएम के हेलीपैड के लिए उजाड़ा खेत मुआवजा के लिए घूम रहा हैं। किसान

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कासिमपुर में चार जनवरी को सीएम योगी आदित्यनाथ के हेलीकाप्टर के लिए एक हेक्टेयर भूमि में हेलीपैड बनाया गया था। अफसरों ने किसान से वादा किया था कि कार्यक्रम के बाद मुआवजा मिल जाएगा, लेकिन कई दिन बीत जाने के बाद भी अब तक पैसे नहीं मिले हैं।योगी आदित्यनाथ बिजली विभाग की परियोजनाओं का लोकार्पण व शिलान्यास करने के लिए कासिमपुर आए थे। गांव के ही नवाब सिंह चौहान इंटर कालेज में इनका कार्यक्रम तय किया गया था। इसी के निकट उनका एक हेक्टेयर क्षेत्रफल में सरसों का खेत है। प्रशासनिक अफसरों इस खेत को हेलीपैड बनाने के लिए चिह्नित किया। इस खेत में तैयार खड़े एक हेक्टेअर सरसों को उजाड़ दिया गया। अफसरों ने वादा कि इसके एवज में मुआवजा दिया जाएगा। वहीं, हेलीपैड में प्रयोग की गईं ईंटों का भी कार्यक्रम के बाद दीवार निर्माण में प्रयोग लिया जाएगा, लेकिन अब तक मुआवजा नहीं मिला है। अफसर संतोषजनक जवाब तक नहीं दे रहे हैं। प्रशासन का पलटवार : एसडीएम कोल संजीव ओझा ने बताया कि प्रशासन ने सीएम के कार्यक्रम के लिए किसान की एक हेक्टेयर भूमि का इस्तमाल किया था। नियमानुसार एक हेक्टेयर भूमि में 12 बीघा होता है। अगर सरसों की खेती की बात करें तो एक बीघा क्षेत्रफल में अधिकतम 1.60 कुंतल तक सरसों का उत्पादन होता है। ऐसे में 12 बीघा के लिए अधिकतम 20 कुंतल सरसों के उत्पादन का आंकलन किया गया है। फिलहाल बाजार में सरसों के रेट छह हजार हैं। ऐसे में किसान के लिए सरसों की कीमत के हिसाब से 1.24 लाख के मुआवजे का प्रस्ताव बनाकर शासन में भेज दिया है। जैसे ही शासन से पैसा आएगा, उसे किसान के खाते में डाल दिया गया है। प्रशासन किसान को मुआवजे देने के लिए गंभीर हैं। सरसों के उत्पादन से पहले ही मुआवजा मिल जाएगा।

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