यूपी समर में सियासी तराने : चुनावी गीतों को हर दल ने दी है धार, विपक्षी की कर रहे काट, अपना कर रहे बखान

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सत्ता के शिखर तक पहुंचने के लिए सियासी समर में इस बार सुरों का अलग ही तराना छेड़ा जा रहा है। गीतों के सहारे सभी दल विरोधियों पर निशाना साध रहे हैं,अभी तक तो रैली, यात्राओं, जनसभाओं आदि पर रोक लगी है। आगे क्या होगा, सब कोरोना के हालात पर निर्भर करेगा, मगर राजनीतिक दलों ने गीतों के सहारे चुनावी रण जीतने की पूरी तैयारी की है। पार्टी तो अपने गीत तैयार करा ही रही है, समर्थकों ने भी अपने-अपने हिसाब से गीत तैयार कराए हैं सपा ने जो गीत बनाए हैं, जब इन्हें जनता के सामने पेश किया जाता है तो समर्थक झूमने लगते हैं। सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव विजय रथ यात्रा लेकर निकले तो यह गीत बार-बार चलाया गया- ‘जनता पुकारती है, अखिलेश आइए’। बॉलीवुड के मशहूर गायक अल्तमश के गाए इस गीत पर समर्थकों का झूमना सपा नेताओं को बेहद भा रहा है। इस गीत का पहले चरण के चुनाव, यानी पश्चिमी यूपी की 58 सीटों पर बखूबी इस्तेमाल करने की योजना है। एक और गीत है जिसके जरिए चुनावी माहौल को साधने की कोशिश है। इस गीत में अखिलेश को मुरलीधारी बताया गया है। बोल हैं, ‘मुरलीधारी कृष्ण बदलकर वेश आ रहे हैं, अखिलेश आ रहे हैं।’भाजपा की ओर से गीतो के घमासान में तगड़ा धमाल मचाया जा रहा है। भोजपुरी अभिनेता और गायक दिनेश लाल यादव उर्फ निरहुआ के गीत ‘आएंगे फिर योगी ही’ को जबरदस्त तरीके से न केवल पेश किया गया है, बल्कि उसे समर्थक पसंद भी खूब कर रहे हैं। निरहुआ ने ही गाया है, ‘22 में योगीजी 27 में भी योगीजी’ भी खूब धमाल मचा रहा है।इसके अलावा इन दिनों एक गीत भाजपा के  लिए बहुत ही खास बन गया है। कन्हैया मित्तल का गाया, ‘जो राम को लाए हैं, हम उनको लाएंगे’। इस समय भाजपा की हर सभा, हर मंच पर यह गीत बजाया जा रहा है। मित्तल खुद इस गीत को विभिन्न स्थानों पर पेश कर चुके हैं। इस गीत में जहां अयोध्या, काशी में हुए कार्यों का ब्योरा है, तो वहीं मथुरा की उम्मीद भी है। जन विश्वास यात्रा का गीत उत्तर प्रदेश में ऐसा विकास भैया ऐसा विकासलाॅन्च किया जिसने खूब धूम मचाई।इस युद्ध में कांग्रेस भी पीछे नहीं है। उसका कैंपेन थीम साॅन्ग है, ‘लड़की हूं, लड़ सकती हूं’ खूब सराहा जा रहा है। साथ ही एक और गीत, ‘बहन प्रियंका आएंगी, बीजेपी तो जाएगी’ के जरिए भी कांग्रेस जनता के बीच अपनी उपस्थिति दर्ज करा रही है।बसपा के भी गीतों में कम धार नहीं है। एक गाना, ‘यूपी की जनता सुनो आ रही हैं, हमारी बहन जी’ खूब सराहा गया। इसके अलावा ‘यूपी की बदहाली देख के बोल रहा जन-जन जी, अबकी बार बहन जी’ और ‘ले अइहे सुंदर शासनवा बहनजी’ जैसे गीतों पर बसपाई खूब झूम रहे हैं। इसके अलावा कैलाश खेर का ‘बहना को जिताना है, सोनू निगम का ‘मिशन साथियो’ ‘अब करो विजय की तैयारी’, ‘सभी को दबाना है हाथी का बटन’ आदि भी खूब सुने जा रहे हैंरालोद और सपा का गठबंधन हो चुका है और दोनों साझा रैलियां कर रहे हैं। मेरठ में हुई रैली में अलिखेश और जयंत से मंच साझा किया। गीत बजा ‘अखिलेश जीत के आवैं, जयंत चौधरी साथ निभावैं।’ इसी तरह के गीत और रागिनियां पश्चिमी यूपी में सभी दलों ने तैयार कराई हैं, जिनसे वोटरों का खूब मनोरंजन हो रहा है।

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