लखनऊ : उत्तर प्रदेश बिजली विभाग के कार्यालय में जाम छलकाना कर्मचारियों को भारी पड़ गया है. विभागीय जांच में दोषी पाए जाने के बाद शराब पार्टी करने वाले कर्मचारियों की सेवाएं समाप्त कर दी गई हैं. सरकारी ऑफिस में शराब पीने के मामले में उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन ने पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम (प्रयागराज) के तत्कालीन कार्यकारी सहायक और तत्कालीन अकाउंटेंट (राजस्व) को बर्खास्त करने का फरमान जारी किया गया है. र्मचारियों की पहचान तत्कालीन कार्यकारी सहायक संतोष कुमार शुक्ल और तत्कालीन अकाउंटेंट जयप्रकाश के तौर पर की गई है. इन दोनों का सरकारी कार्यालय में ही बैठकर शराब पीने का एक वीडियो कुछ दिनों पहले वायरल हुआ था. मामले की गंभीरता को देखते हुए मामले की जांच के आदेश दिए गए थे. वाराणसी विद्युत कार्य मंडल के अधीक्षण अभियंता शंकर शाही को जांच अधिकारी नियुक्त किया गया जानकारी के अनुसार, शराब पार्टी का जो वीडियो वायरल हुआ था वह डिवीजनल अकाउंटेंट के कमरे का था. वीडियो के वायरल होने के बाद हर तरफ इसकी चर्चा होने लगी थी. विभाग ने इससे पहले दोनों आरोपियों को सस्पेंड कर दिया था. दोनों आरोपी अधिकारियों ने अपने बयान में कोल्ड ड्रिंक्स पीने की बात कही थी. हालांकि जांच में उनका यह बयान सही नहीं पाया गया. कर्मचारियों ने भी अपने बयानों में दोनों आरोपित कर्मियों के बदसलूकी व अभद्र भाषा का उपयोग किये जाने तथा अपनी पहुंच का हवाला देकर धमकाने की बात बताई थी. जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर संतोष कुमार शुक्ला और जयप्रकाश को बर्खास्त कर दिया गया.









