बेहद कम समय मे पीयूष जैन ने कैसे खड़ा कर लिया काली कमाई का साम्राज्य आइये जानते है क्या हैं पूरा मामला ?

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काले धन के धनकुबेर इत्र कारोबारी पीयूष जैन  को लेकर लगातार चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं. जीएसटी खुफिया महानिदेशालय (DGGI) की ओर से कोर्ट में दाखिल चार्जशीट से ऐसे खुलासे हुए हैं, जिन्‍हें जानकर आप भी दंग रह जाएंगे. दरअसल, पीयूष जैन ने जीएसटी चोरी के पूरे धंधे का एक कोडवर्ड  बना रखा था, जिसका नाम था फूफाजी. डीजीजीआई की टीम ने जीएसटी चोरी के इस कोडवर्ड खोज निकाला है. फूफाजी कोडवर्ड  से तैयार 12 फर्जी ई-वे बिल उसके घर और 10 कन्नौज फैक्ट्री से बरामद हुए हैं.

जानकारी के मुताबिक, फोरेंसिक जांच में इसका भंडाफोड़ हुआ है. डमी फर्मों के नाम फर्जी ई-वे बिल भेजे जाते थे. गणपति रोड करियर्स के निदेशक प्रवीण जैन और उसके पुत्र रजत जैन ने फर्जी ई-वे बिल बनाकर पीयूष जैन को भेजे थे. रजत जैन के कर्मचारी राजेश राय के ईमेल के जरिए फूफा जी के नाम से बिल भेजता था. गणपति ट्रांसपोर्ट के फर्जी बिल पर ही माल भेजा जाता था.

हिन्दुस्तान के मुताबिक, फर्जी इनवाइस के जरिए शातिर लगातार टैक्स चोरी कर रहे थे. इसका खुलासा प्रवीण जैन से 12 जनवरी 2022 को खुद ही किया था. हर महीने भेजे जाने वाले 20 टन माल में सिर्फ पांच से छह टन ही दिखाया जाता था.

वहीं, कल खबर सामने आई थी कि काले धन के धनकुबेर इत्र कारोबारी पीयूष जैन को लेकर लगातार चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं. जीएसटी खुफिया महानिदेशालय  (DGGI)  की ओर से कोर्ट में दाखिल चार्जशीट से ऐसे खुलासे हुए हैं, जिन्‍हें जानकर आप भी दंग रह जाएंगे. छानबीन के दौरान पीयूष जैन के कन्‍नौज स्थित आवास में कारोबारी के बेडरूम में बंकर मिला था. आरोपपत्र में खुफिया एजेंसी की ओर से बताया गया है कि बंकर में जूट के 8 बोरों में 10 करोड़ रुपये बरामद किए गए थे.

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