बाहुबली मुक्त हुई नौतनवा विधानसभा की सियासत, पहली बार BJP ने दर्ज की जीत

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नेपाल के बॉर्डर से सटे उत्तर प्रदेश के महाराजगंज जिले में पांच विधानसभा सीटें आती हैं. महराजगंज जिले की नौतनवा विधानसभा सीट पर पहली बार भारतीय जनता पार्टी (BJP) की जीत हुई है. यहां भाजपा-निषाद पार्टी के गठबंधन प्रत्याशी ऋषि त्रिपाठी ने अपने निकटवर्ती समाजवादी पार्टी (सपा) प्रत्याशी कुंवर कौशल सिह उर्फ मुन्ना सिंह को 15870 वोटों से हराया है. वहीं नौतनवा विधानसभा से विधायक और कवयित्री मधुमिता शुक्ला हत्याकांड में पत्नी मधुमणि समेत आजीवन कारावास की सजा काट रहे बाहुबली नेता पूर्व कैबिनेट मंत्री अमर मणि त्रिपाठी के बेटे अमन मणि 45963 मत पाकर तीसरे स्थान पर रहे. वहीं निषाद पार्टी के ऋषि त्रिपाठी ने कहा कि नौतनवा में जनता ने अपने वोट की ताकत से माफियाराज समाप्त हुआ है.

महराजगंज की नौतनवा विधानसभा उन चर्चित सीटों में से एक है, जिसपर पूरे देश की नजर बनी रहती है. इस सीट पर कभी कमल नहीं खिला और दो बाहुबलियों के बीच हार-जीत होती रही है, लेकिन इस बार के नतीजों ने इतिहास पलट दिया और भाजपा निषाद पार्टी के प्रत्याशी ऋषि त्रिपाठी ने ऐतिहासिक जीत दर्ज की. इस सीट पर कभी अमर मणि परिवार का दबदबा रहा है. 2017 का विधानसभा चुनाव अपनी पत्नी सारा हत्याकांड में जेल में रहते हुए अमन मणि त्रिपाठी ने चुनाव जीता था लेकिन सियासत की मंडी में जब चमक फीकी पड़ी और जनाधार खिसका तो 2022 में अमन मणि बसपा के टिकट पर चुनाव लड़कर तीसरे स्थान पर पहुंच गए.1989 में अमरमणि त्रिपाठी पहली बार विधायक बने, लेकिन साल 1991 के चुनाव में जनता पार्टी के उम्मीदवार कुंवर कौशल सिंह से अमर मणि चुनाव हार गए. 1993 के चुनाव में कुंवर कौशल सिंह समाजवादी पार्टी के टिकट पर लगातार दूसरी बार चुनाव जीत विधायक बने. उसके बाद लगातार तीन चुनाव 1996, 2002 व 2007 के चुनाव में अमर मणि कांग्रेस, बसपा व सपा के टिकट पर चुनाव लड़े और जीत की हैट्रिक लगाई.

वीरेंद्र प्रताप शाही से शुरू हुआ सफर
80 के दशक में इस विधानसभा की पहचान लक्ष्मीपुर विधानसभा के रूप में थी. तब पहली बार छात्र राजनीति से उभरे बाहुबली नेता वीरेन्द्र प्रताप शाही ने लक्ष्मीपुर से विधानसभा की सियासत में कदम रखा. उनको अखिलेश सिंह का साथ मिला. निर्दल प्रत्याशी के रूप में वीरेन्द्र प्रताप शाही पहली बार अमर मणि को शिकस्त देकर विधायक बने थे. रेलवे के ठेकों को लेकर शिव प्रकाश शुक्ल ने वीरेन्द्र प्रताप शाही की हत्या कर दी. उसके बाद 1989 में अमरमणि लक्ष्मीपुर से विधानसभा चुनाव में उतरे.|

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