रायबरेली : कॉन्ट्रेक्टर कि खाऊ कमाऊ नीति के चलते सार्वजनिक शौचालय पढ़ा बदहाल

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रायबरेली:  जहां एक तरफ सरकार लाखों करोड़ों रुपए विभिन्न योजनाओं के लोकार्पण हेतु खर्च कर रही है वहीं दूसरी ओर सरकार के मंसूबों पर पानी फेरने का काम कर रहे भ्रष्ट ठेकेदार वही एक ऐसा ही मामला सरेनी क्षेत्र के अंतर्गत बैरुआ गांव का है जहां पर बने सार्वजनिक शौचालय मे की गई खानापूर्ति जैसे कि सार्वजनिक शौचालय के मुख्य गेट ना होना और सार्वजनिक शौचालय में पानी की व्यवस्था ना होना हालांकि सार्वजनिक शौचालय हेतु बोर भी कराया गया था लेकिन बोर भ्रष्ट निकला उसके बाद अभी तक कोई पाने की व्यवस्था नहीं की गई जिसका कारण है कि अभी तक सार्वजनिक शौचालय चालू नहीं हो पाया है जबकि सरकार द्वारा आए धन राशि को प्राप्त तो कर लिया जाता है

लेकिन अभी तक सार्वजनिक शौचालय स्वचालित नहीं किया गया है वही लोगों का मानना है कि सार्वजनिक शौचालय जैसे आदि कार्यों में हो रही धांधली का मुख्य कारण खाऊ कमाऊ नीति है और इसी नीति के चलते सार्वजनिक शौचालय पढ़ा अस्त-व्यस्त और साथ ही इसका श्रेय उच्च अधिकारियों को भी जाता है क्योंकि उच्च अधिकारियों ने इस ओर जरा सा भी ध्यान दिया होता तो शायद आज सार्वजनिक शौचालय पूर्ण रूप से स्वचालित होता ना की बंद अब ऐसे में देखना यह है कि खंड विकास अधिकारी इस पर कोई एक्शन लेते हैं या नहीं।

रिपोर्ट : राम सुमेर

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