रायबरेली : इंजीनियर सुरेंद्र सिंह पति पत्नी और वो की कहानी में फंसी दिखाई दे रही है मिल एरिया पुलिस

Facebook
X
WhatsApp

रायबरेली :  शहर के सर्वोदय नगर में रहने वाले इंजीनियर सुरेंद्र सिंह के पति पत्नी और वो की कहानी में मिल एरिया पुलिस की गले में अटकी दिखाई दे रही है, क्योंकि पहली पत्नी न्यायालय से आदेश ले आई है कि वह सर्वोदय नगर में ही स्थित सुरेंद्र सिंह पुत्र विजय बहादुर सिंह के मकान में रहेगी और सुरेंद्र सिंह को उसे पत्नी का दर्जा देते हुए साथ में रखना पड़ेगा। इसके लिए पहली पत्नी संगीता सिंह ने बाकायदा सुल्तानपुर एसटीएफ कोर्ट से आदेश लिया है। जिसमें भार साधक अधिकारी को आदेश का पालन और संगीता को सुरक्षा प्रदान करने की भी बात कही गई है लेकिन इस आदेश के बाद सर्वोदय नगर पहुंची महिला कांस्टेबलों के साथ मिल एरिया पुलिस ने 2 महिलाओं के आगे घुटने टेक दिए। क्योंकि यह दो महिलाओं में एक संगीता की सास अवधेश सिंह और दूसरी उसकी देवरानी साधना सिंह को बताया जा रहा है। जबकि संगीता सिंह द्वारा की गई शिकायत में सुरेंद्र सिंह द्वारा दूसरी शादी किए जाने और संगीता को घर से निकाल दिए जाने के मामले में यह दोनों ही महिलाएं आरोपी हैं। सालों के लंबे इंतजार के बाद भी मिल एरिया थाने के पुलिस एफटीसी कोर्ट सुलतानपुर के आदेश का पालन नहीं करा पाई।

बताते चलें कि संगीता सिंह पुत्री बलदेव सिंह का विवाह इंजीनियर सुरेंद्र सिंह पुत्र विजय बहादुर सिंह निवासी सर्वोदय नगर रायबरेली के साथ 2008 में हुआ था, जिससे उन्हें एक पुत्र भी है। परंतु सुरेंद्र सिंह पर संगीता ने आरोप लगाया कि दहेज में अतिरिक्त मांग के कारण उसे मारपीट कर घर से निकाल दिया और एक अन्य महिला के साथ विवाह भी कर लिया है। जिससे उसको एक बच्चा भी है। इसी मामले को लेकर संगीता ने न्यायालय सिविल जज अवर खंड एफ0टी0सी कोर्ट में फौजदारी परिवाद संख्या 606/2020 के तहत मामला पंजीकृत कराया। जिस पर 11 मार्च 2022 को आदेश देते हुए न्यायालय ने सुरेंद्र सिंह को अपनी पत्नी संगीता को 7000 रुपये और बच्चे को बालिग होने तक 3000 रुपये प्रतिमाह खर्च के साथ संगीता अपने घर ले जाकर उसे अपनी ग्रहस्थी में रखेगा और ना निकालेगा तथा ना कोई अवरोध उत्पन्न करेगा।

आदेश में यह भी कहा गया कि जिस थाना क्षेत्र में विपक्षी का निवास करते हैं। उस संबंधित थाने के भार साधक अधिकारी को निर्णय की एक प्रति प्रेषित की जाए। संबंधित थाने के भार साधक अधिकारी को आदेशित किया गया है कि वह पीड़िता की तरफ से आवेदन प्रस्तुत करने में पीड़िता को संरक्षण प्रदान करेगा। आदेश को मिल एरिया थाने की पुलिस ने मुनादी की तरह इंजीनियर सुरेंद्र बहादुर सिंह के घर पर सुना दी और मौके से लौट आई। मौके पर पहुंचे थाने के दरोगा इंजीनियर की घर की महिलाओं से कहते हुए सुनाई दिए की न्यायालय ने यह आदेश किया है कि संगीता इसी मकान में रहेगी और मजेदार बात यह है कि माननीय न्यायालय के आदेश की काट बताते हुए दरोगा इन महिलाओं को न्यायालय से आदेश लाने की हिदायत देते हैं नजर आए लेकिन संगीता के पास जो न्यायालय का आदेश था उसका पालन करते हुए मिल एरिया पुलिस नहीं दिखाई दी। इस आदेश और पुलिस की कार्यवाही पर संगीता का कहना है कि उसे यह कैसा न्याय मिला है कि वह अभी तक अपने ससुराल नहीं जा पाई। जबकि आदेश में साफ-साफ लिखा हुआ है कि वह अपने पति के घर पर जाकर रह सकती है लेकिन पुलिस वहां पर केवल आदेश सुना कर लौट आई।

The specified slider does not exist.

ताजा खबरें