अमित शाह की मौजूदगी में असम-मेघालय के बीच ऐतिहासिक समझौता, 50 साल पुराने सीमा विवाद पर लगेगा ब्रेक

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असम और मेघालय के बीच 50 साल से चला आ रहा सीमा विवाद सुलझता नजर आ रहा है. दोनों राज्यों के बीच एक ऐतिहासिक करार हुआ है. दिल्ली में गृहमंत्री अमित शाह की मौजूदगी में दोनों राज्यों के मुख्यमंत्री ने समझौते पर सहमति व्यक्त की है. मंगलवार को असम के मुख्यमंत्री हेमंत बिस्वा सरमा, सांसद दिलीप सेकिया और मेघालय के मुख्यमंत्री कोनार्ड संगमा ने राजधानी दिल्ली में गृहमंत्री शाह से मुलाकात की. इस दौरान सीमा विवाद का हल निकालने के लिए एक करार किया गया.

इस दौरान गृहमंत्री अमित शाह ने कहा कि दोनों राज्यों के बीच 70 प्रतिशत सीमा आज विवाद से मुक्त हो गई है. दोनों राज्यों के मुख्यमंत्री ने बताया कि आगे का विवाद ही हम बातचीत के जरिए सुलझा लेंगे. आज बहुत बड़ा काम हुआ है. शाह ने दोनों राज्यों के मुख्यमंत्री और उनकी टीम को पीएम मोदी और भारत सरकार की तरफ से धन्यवाद कहा. उन्होंने कहा कि विकसित नॉर्थ ईस्ट का जो सपना पीएम मोदी ने देखा है, वह जल्द ही साकार होगा. शाह ने बताया कि अब तक लगभग 4 हजार 800 से ज्यादा हथियार कानूनी अथॉरिटी के सामने सरेंडर किए गए हैं.शाह ने आगे कहा कि 16 जनवरी को ब्रू रियांग समझौता हुआ, जिससे 34 हजार से ज्यादा लोगों को फायदा हुआ. फिर 27 जनवरी 2020 को ऐतिहासिक बोडो समझौता हुआ. हमने असम के प्रारूप को छेड़े बिना राज्य के मूल स्वरूप को बनाते हुए 50 साल पुरानी समस्या को खत्म किया. शाह ने आगे कहा कि इसके बाद 2021 में कार्बी आमलांग समझौता हुआ.

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