हलाल मांस को लेकर कर्नाटक में बवाल, बजरंग दल के कार्यकतार्आ ने दुकानदार को पीटा, केवल हिंदू दुकानों से सामान खरीदने का चलाया अभ‍ियान

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कर्नाटक के मुख्‍यमंत्री बसवराज बोम्‍बई के यह कहने के एक दिन बाद क‍ि उनकी सरकार हलाल मीट के ख‍िलाफ उठाई गई गंभीर आपत्‍त‍ि पर विवार करेगी, बजरंग दल के कुछ कार्यकर्ताओं ने श‍िवमोगा के होसमाने में चिकन बेचने वाले एक मुस्‍लिम दुकानदार के साथ मारपीट की तो वहीं पुरानी भद्रावती में एक होटल व्‍यवसायी धमकाने के आरोप में पुलिस ने कई लोगों पर मामला दर्ज कर लिया है।

घटना बुधवार 31 की मार्च की बताई जा रही। शिकायत के मुताबिक गैर हलाल मांस की मांग करने वाले 10-15 सदस्यों ने सैय्यद अंसार और उसके रिश्तेदार तौसीफ के साथ मारपीट की। शिवमोग्गा के एसपी बीएम लक्ष्मी प्रसाद ने बताया कि छह या सात लोग होसमाने में चिकन की दुकान पर जाते हैं और गैर-हलाल मांस की मांग की। इस पर बहस हुई और हिंदू कार्यकर्ताओं ने कथित तौर पर तौसीफ की पिटाई कर दी।

हलाल मांस के ख‍िलाफ बजरंग दल का अभ‍ियान
पुरानी भद्रावती में एक अन्य घटना में पुलिस ने कहा कि हिंदू कार्यकर्ताओं ने कथित तौर पर एक होटल व्यवसायी को धमकी दी थी। होटल व्यवसायी को गाली देने के आरोप में कार्यकर्ताओं के खिलाफ अलग से शिकायत दर्ज की गई है। पुलिस ने कहा कि उन्होंने पांच हिंदू कार्यकर्ताओं से पूछताछ की। इस बीच, हिंदू संगठनों के सदस्यों ने शिवमोग्गा और चिक्कमगलुरु जिलों के मुख्य मार्गों में हलाल मांस पर प्रतिबंध लगाने की मांग करते हुए एक अभियान शुरू किया है। बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने घर-घर जाकर प्रचार किया और पर्चे बांटे, लोगों से केवल ‘हिंदू दुकानों’ से किराने का सामान और मांस खरीदने के लिए कहा है।

मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई ने बुधवार को कहा था कि उनकी सरकार हलाल मांस पर उठाई गई गंभीर आपत्तियों पर गौर करेगी। उन्होंने कहा कि विभिन्न संगठन अपने-अपने अभियान चला रहे हैं। मांस के बहिष्कार के मुद्दे पर स्पष्टता के लिए पूछे जाने पर उन्होंने कहा क‍ि हम जानते हैं कि क्या जवाब देना है और क्या नहीं। हालांकि, प्राथमिक और माध्यमिक शिक्षा मंत्री बीसी नागेश ने कहा कि सरकार इस मामले में बहुत कम कर सकती है। यह एक धार्मिक प्रथा है और कुछ लोग इसमें विश्वास करते हैं। हलाल कोई ऐसा विषय नहीं है जो सरकार के दायरे में आता है।

गृह मंत्री अरागा ज्ञानेंद्र ने कोप्पल शहर में बोलते हुए यह भी दावा किया कि इस मुद्दे पर सरकार की सीमित भूमिका है। उन्होंने जोर देकर कहा कि हलाल भोजन का बहिष्कार अभियान कोई कानून-व्यवस्था की समस्या नहीं है, बल्कि आस्था और भावनाओं से जुड़ी है, जिसे हर कोई जानता है। उन्होंने यह भी सोचा कि भाजपा को अभियान के लिए क्यों दोषी ठहराया जा रहा है, जो आस्था, भावना और व्यक्तिगत पसंद से संबंधित है।

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