किसानों का नुक्सान , चीनी मिल की रिकवरी पर भी पड़ा असर

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सिंगाही खीरी: 10 अगस्त 2021 को छपी खबर की क्या पूरी क्षमता से चल पाएगी चीनी मिल बेलरायां जिसका डर किसानों को था आज वो सामने आ गया हाँलाकि वर्तमान में मिल के प्रशासनिक अधिकारी मिल को चलाने की पूरी कोशिश में लगे हैं लेकिन जब बन्दी सीजन में रिपेयरिंग का कार्य सन्तोष जनक नही हुआ था तो चीनी मिल का हाल यही होना ही था।
ताजे हालात में सरजू सहकारी चीनी मिल बेलरायां पूरी क्षमता से चल पाने की हालत में नहीं है कारण पूर्व में रहे चीफ इंजीनियर वीरेन्द्र कुमार ने बन्दी सीजन में मेंटिनेंस का कार्य सन्तोष जनक नही कराया जिसकी खबर क्षेत्रीय पत्रकारों ने अपने-2 अखबारों में प्रमुखता से छापी थी लेकिन शासन व प्रशासन ने संज्ञान नही लिया जिसका खमियाजा आज इलाके का गन्ना किसान भुगत रहा है इसके अलावा मिल को हजारों करोड़ घाटे की तरफ धकेला जा रहा है।
आज सप्ताह बीत जाने के बाद मिल पूरी क्षमता से चलने के लायक नही है मिल सूत्रों के मुताबिक मिल की टरबाइन काम नही कर रही इसलिए बाइपास से मिल को बहुत ही कम क्षमता पर चलाया जा रहा है।
गन्ना किसानों की सड़क पर लम्बी लाइन कई दिनों से लगी हुई है गन्ना भी सुख रहा गन्ना सूखने पर जहां किसानों का नुकसान वहीं चीनी की रिकवरी पर भी असर पड़ता है। गन्ना किसानों के मुताबिक किसी को क्या फर्क मिल के अधिकारियों को महीने पर तनख्वाह मिल जाएगी उनके खिलाफ कोई जांच और न कोई कार्यवाही बर्बाद होगी चीनी मिल बर्बाद होगा किसान किसानों की मांग है कि जिन मिल अधिकारियों ने बन्दी सीजन में मरम्मत का कार्य जिन ठेकेदारों व कम्पनियों से कराया हो उनके खिलाफ किसी निष्पक्ष जांच एजेंसी से जांच कराई जाय दोषी लोगों पर ठोस कार्यवाही हो जिससे मिल व किसानों को बर्बादी से बचाया जा सके।
बहुत जल्द किसानों का एक दल सूबे के मुख्यमंत्री से मिलकर सरजू सहकारी चीनी मिल में बन्दी सीजन में हुए मरम्मत कार्यों के बारे में हकीकत से रूबरू कराकर दोषी अधिकारियों के खिलाफ जांच की मांग करेगा।

रिपोर्ट -चंद्रमोहन

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