एचडीएफसी बैंक और एचडीएफसी के विलय का क्या होगा शेयरधारकों पर प्रभाव, जाने

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हाउसिंग डेवलपमेंट फाइनेंस कॉरपोरेशन (एचडीएफसी) लिमिटेड ने सोमवार को घोषणा की कि उसके बोर्ड ने आज हुई बैठक में एचडीएफसी लिमिटेड के साथ एचडीएफसी बैंक के विलय संबंधी एक समग्र योजना को मंज़ूरी दे दी है. यह विलय वित्त वर्ष 23-24 में पूरा होगा. गौरतलब है कि इसके बाद एचडीएफसी बाज़ार पूंजीकरण के मामले में भारत की तीसरी सबसे बड़ी कंपनी बन सकती है।

आइए जानते हैं इस विलय का शेयरधारकों व निवेशकों पर प्रभाव व मर्जर से जुड़ी 10 अन्य अहम बातें

इस मर्जर के बाद शेयरधारकों को शेयर विनिमय अनुपात के तहत एचडीएफसी लिमिटेड के 2 रुपये प्रति शेयर की फेस वैल्यू वाले 25 शेयरों के बदले एचडीएफसी बैंक के 1 रुपये प्रति शेयर की फेस वैल्यू वाले 42 शेयर अलॉट किए जाएंगे।

विलय के पूरा होने के बाद एचडीएफसी बैंक 100% सार्वजनिक शेयरधारकों के स्वामित्व के तहत आ जाएगा. वहीं, एचडीएफसी लिमिटेड के मौजूदा शेयरधारकों के पास एचडीएफसी बैंक का 41% हिस्सा होगा.

प्रक्रिया पूरी होने के बाद एचडीएफसी बैंक रिकॉर्ड तिथि के अनुसार एचडीएफसी लिमिटेड के शेयरधारकों को इक्विटी शेयर (जैसा पहले पॉइंट में बताया गया है) जारी करेगा. एचडीएफसी लिमिटेड के पास एचडीएफसी बैंक में जो इक्विटी शेयर थे वह विलय के तहत समाप्त हो जाएंगे।

एचडीएफसी लिमिटेड की सहायक कंपनियां और सहयोगी एचडीएफसी बैंक में स्थानांतरित हो जाएंगी।

इस विलय के परिणामस्वरूप एचडीएफसी बैंक की असुरक्षित ऋणों में हिस्सेदारी कम हो जाएगी।

आज की तारीख तक एचडीएफसी लिमिटेड और उसकी दो पूर्ण स्वामित्व वाली इकाइयों के पास एचडीएफसी बैंक में 21 फीसदी की हिस्सेदारी है.ये भी पढ़ें- Stock Market : बाजार ने दिखाया दम, सेंसेक्‍स 1,500 अंक चढ़कर 61 हजार के करीब, निफ्टी 18 हजार के पार।

एचडीएफसी ने एक्सचेंज फाइलिंग में कहा है, “एचडीएफसी लिमिटेड और एचडीएफसी बैंक के बोर्ड का मानना ​​है कि विलय से ग्राहकों, कर्मचारियों और दोनों संस्थाओं के शेयरधारकों सहित सभी हितधारकों को दीर्घकालिक लाभ मिलेगा. दोनों संस्थाओं का विलय “आवास” के सरकार के दृष्टिकोण को और गति प्रदान करेगा.”

विलय के बाद एचडीएफसी बैंक अपने ग्राहकों को एक मूल उत्पाद के रूप में सहजता से आवासीय ऋण उपलब्ध कराएगा. इसके अलावा एचडीएफसी बैंक लंबी अवधि के आवासीय ऋण का भी लाभ उठा पाएगा. बैंक अपने अपने ग्राहकों से लंबे संबंध के कारण उनकी बेहतर जानकारी के साथ उन्हें विभिन्न क्रेडिट व डेबिट सेवाएं उपलब्ध कराएगा.ये भी पढ़ें- उज्जीवन स्मॉल फाइनेंस बैंक के ग्राहकों को झटका, सेविंग अकाउंट पर घटाई ब्याज दरें

इस प्रस्ताव को फिलहाल वैधानिक व नियामक प्राधिकरणों, संबंधित शेयरधारकों और लेनदारों से मंजूरी मिलना बाकी है।
बोर्ड ने एचडीएफसी इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड और एचडीएफसी होल्डिंग्स लिमिटेड के एकीकरण को भी मंजूरी दे दी है।

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