मेरठ में महिला ने तीन बच्चों को दिया जन्म:मेडिकल अस्पताल में हुआ प्रसव, जच्चा, बच्चा स्वस्थ

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मेरठ मेडिकल कॉलेज में एक महिला ने एक साथ तीन बच्चों को जन्म दिया है। प्रमुख बात यह कि तीनों बच्चे पूर्णत: स्वस्थ हैं। बच्चों की साथ प्रसूता मां भी पूरी तरह स्वस्थ है। जच्चा-बच्चा मेडिकल अस्पताल के महिला एवं स्त्री रोग विभाग में भर्ती हैं, जहां चिकित्सक उनकी देखभाल कर रहे हैं।
मेरठ लाला लाजपत राय मेडिकल कॉलेज में दुर्गा नगर निवासी नैना उम्र 26 साल पत्नी रॉबिन सक्सेना 8 माह 3 सप्ताह कुल 35 सप्ताह की गर्भवती थी। बृहस्पतिवार देर रात महिला का मेडिकल अस्पताल के गायनी वार्ड में प्रसव हुआ। ऑपरेशन से महिला का प्रसव कराया गया। नैना की यह पहली डिलेवरी है, जिसमे ंउसके आंगन में एक साथ तीन किलकारी गूंजी है।

तीन बच्चों में पहला लड़का है जिसका वजन 2 किग्रा है। दूसरा लड़का है जिसका वजन 1.9 किग्रा है। तीसरा बच्चा लड़की है जिसका वजन 1.5 किग्रा है। तीनों नवजात शिशु फिलहाल एनआईसीयू में हैं। मेडिकल अस्पताल के मीडिया प्रभारी डॉ. वीएन पांडेय ने बताया कि अस्पताल में स्त्री एवम प्रसूति रोग विभाग की आचार्य डॉ अरुणा वर्मा, डॉ. राघवी और डॉ. प्रतिष्ठा के निर्देशन में जच्चा, बच्चा की देखभाल हो रही है।
नैना का प्रसव कराने वाली डॉ. अरुणा वर्मा ने बताया कि नैना की यह पहली डिलेविरी है। पूरी तरह प्राकृतिक है। किसी आईवीएफ के जरिए उसे तीन बच्चे एक साथ नहीं हुए। बल्कि स्पांटेनियस ही ट्रिपलेंट हुए हैं। कंसीव करने के कुछ समय बाद नैना पति के साथ हमारे यहां इलाज के लिए आई थी। हमने रुटीन चैकअप किया तो अल्ट्रासाउंड में उसके गर्भ में तीन बच्चे दिखे थे। आईवीएफ में दो या तीन बच्चे एक साथ होना आम है, लेकिन प्राकृतिक तौर पर एक साथ तीन बच्चे ऐसा बहुत ही रेयर होता है।

डॉ. अरुणा के अनुसार नैना के गर्भ में शुरू से तीनों भ्रूण एकदम स्वस्थ थे। तीनों बच्चे बच्चेदानी में अलग-अलग बैग्स में थे, अगर ये एक बैग में होते तो प्रेगनेंसी में रिस्क रहता। अलग बैग के कारण बच्चों के विकास में कोई समस्या नहीं रही। सामान्य भ्रूण की तरह तीनों भ्रूण आकार लेते गए। महिला आयुष्मान भारत की मरीज भी है। बिना किसी दवा के महिला ने तीनों बच्चों को जन्म दिया है। बस तीन बच्चे होने के कारण महिला की नियमित जांचें लगातार चालू रहीं, बिना रिस्क के बेहद सामान्य इलाज महिला को दिया गया। अब सात दिन तक मां, बच्चे अस्पताल में रहेंगे, बाद में उनकी स्थिति देखकर उन्हें डिस्चार्ज करेंगे। रुटीन चैकअप के दौरान महिला को आयरन, कैल्शियम की खुराक हमें बढ़ानी पड़ी क्योंकि तीन बच्चों का विकास होना था। हर चार सप्ताह पर अल्ट्रासाउंड किया। एक दिन पहले महिला को प्रसव के लिए भर्ती किया बेहद आराम से प्रसव कराया गया।

डाक्टरों ने जब महिला के गर्भ में तीन बच्चे देखे तो भविष्य के रिस्क को देखते हुए फीटल डिटेक्शन की सलाह भी दी गई, लेकिन मां और परिवार ने किसी भी तरह के फीटल डिटेक्शन से इंकार कर दिया। महिला ने चिकित्सकों से स्पष्ट कहा कि वो तीनों बच्चों को जन्म देगी, भविष्य में जो होगा उसे देखेगी लेकिन ऐसा कदम नहीं उठा सकती। फिलहाल एक लड़के को मदर फीड कराया जा रहा है, जबकि एक लड़का, लड़की जिनका वजन कम हैं उन्हें अस्पताल की नर्सरी में ट्यूब फीडिंग दी जा रही है।

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