योगी का आदेश और लखनऊ से मथुरा तक उतरने लगे लाउडस्पीकर…जानिए क्या हो रही नई व्यवस्था

Facebook
X
WhatsApp

लखनऊ: सीएम योगी आदित्यनाथ के आदेश के बाद लखनऊ के कई पूजन स्थलों से लाउडस्पीकर उतरे जाने लगे। गोमतीनगर, डालीगंज इलाकों के कई मंदिरों साउंड बॉक्स का इस्तेमाल कर रहे हैं। मुफ्तीगंज में लाउडस्पीकर लगा है, पर आवाज बहुत धीमी कर दी गई है। अकाल तख्त पहले ही गुरुद्वारे में लाउडस्पीकर पर रोक लगा चुका है। इसी सिलसिले में मथुरा के श्रीकृष्ण जन्मस्थान संस्थान ने भी भागवत भवन के शिखर पर लगे लाउडस्पीकर बंद कर दिए। मथुरा में श्रीकृष्ण जन्मस्थान के भागवत भवन के शिखर पर लगे लाउडस्पीकरों में रोज सुबह एक से डेढ़ घंटे तक भजन बजाए जाते थे, लेकिन बुधवार को भजन नहीं सुनाई दिए।

श्रीकृष्ण जन्मस्थान संस्थान के सचिव कपिल शर्मा ने बताया कि उनके पास प्रशासन की ओर से ऐसा कोई आदेश तो नहीं आया है पर सांप्रदायिक सौहार्द बना रहे इसलिए यह फैसला किया गया है। उन्होंने बताया कि भागवत भवन पर लाउडस्पीकर साल 1985 से लगे हैं। गौरतलब है कि मंगलवार को नोएडा पुलिस ने 602 मंदिरों,265 मस्जिदों को नोटिस देकर लाउडस्पीकरों की आवाज परिसरों तक सीमित करने को कहा था। दिल्ली के जहांगीरपुरी में धार्मिक यात्रा के दौरान हिंसा के बाद सीएम योगी आदित्यनाथ ने लाउडस्पीकर की आवाज परिसर के बाहर न जाने का आदेश दिया था। आदेश का असर दिखने लगा है। एनबीटी टीम ने बुधवार को शहर के कई धार्मिक स्थलों का मुआयना किया। कई धार्मिक स्थलों से लाउडस्पीकर हटा लिए गए तो कई जगह छोटे स्पीकर का ही इस्तेमाल शुरू हो गया है।

डालीगंज के मनकामेश्वर मठ मंदिर की महंत देव्यागिरि बताती हैं कि मंदिर में लाउडस्पीकर लगा है जो शिवरात्रि वार्षिकोत्सव में प्रशासनिक देख-रेख में ही संचालित किया जाता है। दैनिक आरती पूजन के लिए परिसर में सिर्फ छोटे साउंड बाक्स ही लगवाए गए हैं। वहीं गोमती नगर विजयपुर में बने गोपेश्वर महादेव मंदिर में लाउडस्पीकर उतार कर छत पर रखवा लिया गया है। मंदिर के पुजारी श्रीपाल ने बताया कि अब साउंड बाक्स से आरती की जा रही है। वहीं गोमती नगर विशेष खंड स्थित माता के मंदिर में लाउडस्पीकर लगे दिखे। पूछने पर महंत रघुराज पुरी ने बताया कि मंदिर के ऊपर लाउडस्पीकर लगा रखा है मगर उपयोग में साउंड बाक्स ही आते हैं।

टिकैतराय तालाब स्थित राम जानकी मंदिर और राजाजीपुरम सी-ब्लॉक के श्रीओमकारेश्वर महादेव मंदिर में अभी भी लाउडस्पीकर लगे नजर आए। दोनों ही मंदिरों के महंत कौशल किशोर दास और कमेटी के महामंत्री सोमेंद्र पाण्डेय ने बताया कि लाउडस्पीकर बंद करवा दिए गए हैं। राजाजीपुरम बजरंग नगर के रुद्र वैष्णो देवी मंदिर के पुजारी ललित शास्त्री ने बताया कि मंदिर में लाउडस्पीकर लगे जरूर हैं, पर उनका उपयोग बीते एक साल से नहीं हो रहा है।

लखनऊ गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी प्रवक्ता सतपाल सिंह मीत बताते हैं कि सिख समाज की सर्वोच्च संस्था अकाल तख्त ने पहले ही अपील जारी कर किसी भी गुरुद्वारा के बाहर लाउडस्पीकर न लगाए जाने के स्पष्ट निर्देश दिए थे। ऐसे में जिसको गुरुवाणी कीर्तन सुनना है वह गुरुद्वारे के अंदर आए और परिसर के नियमों का पालन करते हुए शबद कीर्तन सुने।

The specified slider does not exist.

ताजा खबरें