पटियाला में भिड़े हिंदू व सिख संगठन, काली माता मंदिर में स्थिति तनावपूर्ण, एसएचओ पर तलवार से हमला

Facebook
X
WhatsApp

पटियाला में शिवसेना बाल ठाकरे के खालिस्तान मुर्दाबाद मार्च के विरोध में कुछ गर्म ख्याली सिख युवकों ने भी मार्च निकाला जिसमें उन्होंने शिव सैनिकों को बंदर सेना नाम देते हुए मुर्दाबाद के नारे लगाए। उन्होंने कहा कि वह शिवसैनिकों के इस मार्च का डटकर विरोध करेंगे।
वहीं काली माता मंदिर में स्थिति तनावपूर्ण हो गई। हिंदू और सिख संगठनों में पत्थरबाजी भी हुई। मौके को काबू करने के लिए एसएसपी ने पहुंचकर हवाई फायर किए। इस दौरान एक हिंदू नेता और थाना त्रिपड़ी के एसएचओ कर्मवीर सिंह घायल हुए।
जानकारी के अनुसार खालिस्तान समर्थकों ने तलवार से एसएचओ पर हमला किया। पुलिस की तरफ से स्थिति को नियंत्रण में करने के लिए करीब 15 राउंड हवाई फायर किए जा चुके हैं। पुलिस की ओर से फायरिंग अभी भी जारी है। काली माता मंदिर के बाहर भारी संख्या में खालिस्ताना समर्थक इकट्ठे हो गए हैं।

बता दें कि शिवसेना बालठाकरे के पंजाब कार्यकारी प्रधान हरिश सिंगला के नेतृत्व में आर्य समाज चौक से खालिस्तान मुर्दाबाद मार्च मिकाला गया। शिव सैनिक खालिस्तान मुर्दाबाद के नारे लगाते हुए चल रहे थे। हरीश सिंगला ने कहा कि शिवसेना कभी भी पंजाब में खालिस्तान नहीं बनने देगी और ना ही किसी खालिस्तान काे नाम लेने देगी।
सिंगला ने कहा कि सिख फॉर जस्टिस के कन्वीनर गुरपतवंत पन्नू ने 29 अप्रैल को खालिस्तान का स्थापना दिवस मनाने की घोषणा की है। इनको जवाब देने के लिए शिवसेना ने भी 29 अप्रैल को खालिस्तान मुर्दाबाद मार्च निकालने का ऐलान किया था। वहीं मार्च की सूचना मिलने पर भारी संख्या में खालिस्तान समर्थक पहुंच गए। इधर, डीसी ने कुछ मीडिया चैनलों पर चल रहे थाने के एसएचओ का हाथ काटने की खबर का खंडन किया है। डीसी ने कहा है कि इस तरह की कोई भी घटना नहीं हुई या केवल अफवाह है।

The specified slider does not exist.

ताजा खबरें