यूपी में बार लाइसेंस लेना अब बेहद आसान, योगी कैबिनेट ने कई कड़े नियमों को समाप्त करने पर लगाई मुहर

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उत्तर प्रदेश में योगी सरकार द्वारा कई महत्वपूर्ण फैसले लिए जा चुके है। लेकिन अभी यह सिलसिला थामा नहीं है बल्कि समय के साथ फैसलें लिए जा रहे है। राज्य सरकार ने अब बार धारकों के लिए प्रक्रिया को आसान बना दिया है। प्रदेश में अब बार लाइसेंस लेना बेहद आसान हो गया है। क्योंकि जिन नियमों की वजह से लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ता था, योगी सरकार ने उन्हें खत्म कर दिया है। इतना ही नहीं होम बार लाइसेंस को मंजूरी दे दी है और बार खोलने के लिए नियमों को बेहद आसान कर दिया है। इसके लिए सालाना 12 हजार रुपये शुल्क और 25 हजार रुपये सिक्योरिटी देनी होगी।

योगी आदित्यनाथ सरकार के दूसरे कार्यकाल में अब बार लाइसेंस लेने के लिए स्थानीय प्राधिकरण व निकाय हस्ताक्षेप नहीं कर सकेंगे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता को उत्तर प्रदेश आबकारी (बार लाइसेंस की स्वीकृति) नियमावली, (प्रथम संशोधन) 2022 पर कैबिनेट ने मुहर लगा दिया है। वहीं इस नियमावली पर अपर मुख्य सचिव आबकारी संजय आर भूसरेड्डी ने बताया कि अब बार लाइसेंसों के तहत भोजन परोसने के लिए होटल और रेस्टोरेंट आदि में भोजन कक्ष के प्रविधानों को शिथिल करते हुए स्थानीय प्राधिकरण से लाइसेंस पाने की अनिवार्यता के साथ संबंधित स्थानीय निकाय के व्यापारिक लाइसेंस की आवश्यकता को समाप्त कर दिया गया है।

राज्य सरकार के इस फैसले से नियमावली लागू होने से पहले के सभी लाइसेंसधारक अब बार लाइसेंस का नवीनीकरण करा सकेंगे। इतना ही नहीं अब छोटे स्थानों पर भी बार खुल सकेंगे। बार लाइसेंस स्वीकृत करने के लिए जरूरी 200 वर्गमीटर के स्थान को अब 100 वर्गमीटर के कुर्सी क्षेत्रफल का प्रविधान किया गया है। इसी प्रकार लाइसेंस के लिए न्यूनतम व्यक्तियों के बैठने की संख्या 40 से घटाकर 30 कर दी गई है। मुख्य सचिव आबकारी आगे बताते है कि उत्तर प्रदेश नगर योजना व विकास अधिनियम 1973 की धारा 15-क (2) के उपबंधों के अधीन सहायक दस्तावेजों सहित भवन पूर्णता प्रमाणपत्र या शपथपत्र के स्थान पर संबंधित विकास प्राधिकरण की ओर से प्रस्तावित परिसर से संबंधित भवन के अनुमोदित नक्शे की सत्यापित प्रति यो पोर्टल से डाउनलोड की गई स्वप्रमाणित प्रति प्रस्तुत की जा सकेगी।
उत्तर प्रदेश आबकारी (बार लाइसेंस की स्वीकृति) नियमावली, (प्रथम संशोधन) 2022 लगी मुहर पर डॉ. सेन्थिल पाण्डियन सी. ने बताया कि आवासीय परिसर में देशी-विदेशी शराब अपने परिवार के सदस्यों, रिश्तेदारों, अतिथियों और मित्रों के साथ उपभोग करने के लिए होम बार का लाइसेंस मिलता है। बस शराब का उपभोग करने वालों की उम्र 21 वर्ष से कम न हो। उन्होंने आगे बताया कि अब होम बार लाइसेंस के परिसर का निरीक्षण केवल आबकारी आयुक्त की अनुमति से ही किया जा सकेगा। अपर मुख्य सचिव आबकारी के मुताबिक पहले घर में चार बोतल (750 मिली) तक शराब निशुल्क रखने की मंजूरी थी। अब इस नीति को संशोधित किया गया है। इसमें अब घर में 15 कैटगरी की छोटी-बड़ी 71 बोतलें तक रखी जा सकेंगी।

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