UP में डीजीपी चुनने के लिए अपनाया जाएगा ये प्रॉसेस, समझिए कैसे होगा पुलिस के नए ‘मुखिया’ का चयन

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लखनऊ: उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक के पद से मुकुल गोयल को हटाये जाने के बाद नए डीजीपी को लेकर चर्चा तेज हो गई है। DGP के पद पर सीनियर आईपीएस अधिकारी की नियुक्ति की जाएगी। यूपी पुलिस के मुखिया को लेकर कई नामों पर अटकलें जारी हैं। हालांकि जितना महत्वपूर्ण यह पद है, वैसी ही यहां चयन की प्रक्रिया भी है। डीजीपी पद पर चयन के लिए प्रॉसेस क्या है, आइए समझते हैं।
मुकुल गोयल को हटाये जाने के बाद फिलहाल डीजी (इंटेलिजेंस) डी एस चौहान को अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। हालांकि उन्हें दायित्व सौंपे जाने के बाद अब स्थायी नियुक्ति की प्रक्रिया को लेकर अटकलें लगाई जाने लगी हैं। नियुक्ति प्रक्रिया के अनुसार प्रदेश के गृह विभाग की तरफ से अब डीजीपी पद के लिए योग्य आईपीएस अफसरों की सूची संघ लोक सेवा आयोग नई दिल्ली को भेजी जाएगी।

सर्विस में 30 साल की सेवा पूरी कर चुके यूपी कैडर के ऐसे सभी आईपीएस अफसरों का नाम यूपीएससी को भेजा जाएगा, जिनका कार्यकाल अभी न्यूनतम 6 महीने शेष है। प्रदेश में 30 साल की सेवा पूरी कर लेने वाले करीब 43 आईपीएस हैं, लेकिन इनमें से 13 या तो प्रतिनियुक्ति पर हैं या निलंबित हैं या अध्ययन अवकाश पर हैं। इस तरह कुल 30 अफसरों के नाम यूपीएससी भेजे जाएंगे।

यूपीएससी इस सूची के आधार पर वरिष्ठता एवं अन्य मानकों का परीक्षण करते हुए तीन सबसे उपयुक्त आईपीएस अधिकारी का नाम राज्य सरकार को वापस भेजेगा। राज्य सरकार को यह अधिकार होगा कि इनमें से किसी एक को डीजीपी नियुक्त कर सकती है। अभी नए डीजीपी के लिए डी एस चौहान, जी एल मीणा सहित कुछ अन्य सीनियर अधिकारियों का नाम चर्चा में है।
मुकुल गोयल को नागरिक सुरक्षा की जिम्मेदारी सौंपी गई है। मुकुल गोयल नागरिक सुरक्षा विभाग के महानिदेशक बनाए गए हैं। आपको बता दें कि उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव से ठीक पहले उन्हें केंद्रीय प्रतिनियुक्ति से वापस लाकर राज्य का पुलिस महानिदेशक बनाया गया था।

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